West Bengal

प बंगाल : आसनसोल में कोरोना योद्धा की पहली मौत, राज्य में अब तक 780 मौतें

Asansol :  आसनसोल में कोरोना योद्धा की कोरोना संक्रमण से मौत का पहला मामला सामने आया है. आसनसोल जिला अस्पताल का पैथालॉजी टेक्नीशियन कोरोना से जंग में अपनी जिंदगी हार गया. जिसके बाद से पूरे जिला अस्पताल में शोक की लहर दौड़ गई है. उसने खुद सैकड़ों लोगों को कोरोना का जांच किया और खुद कोरोना से संक्रमित हो गया. बताया जाता है कि बेटे के जन्मदिन के लिए वह छुट्टी ले रहा था.

वह सुरक्षित घर जाए इसीलिए चिकित्सकों ने उसका जांच किया जिसमें कोरोना की पुष्टि हुई उसके बाद कोविड-19 जांच के लिए उसका सैंपल भेजा गया. जहां संक्रमण मिलने के बाद उसे दुर्गापुर के कोरोना अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन उसकी तबीयत ठीक ना होने पर बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया जहां आज सुबह उसकी मौत हो गई.

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बंगाल में कोरोना से अब तक 779 की मौत

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर तेज रफ्तार से बढ़ने लगा है. रविवार शाम से सोमवार शाम तक राज्य  800 से अधिक लोग इस महामारी की चपेट में आए हैं जबकि  22 लोगों की मौत हुई है. राज्य भर में इस महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 779 पर पहुंच गई है.

अब राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक सोमवार रात तक राज्य में हुई कुल मौत में से अकेले कोलकाता में 428 लोगों की मौत हुई है. यह कुल मौत का 55 फीसदी है. इतना ही नहीं कोलकाता में संक्रमित लोगों की संख्या भी राज्य में सबसे ज्यादा है. राज्य भर में इस महामारी की चपेट में आने वालों की कुल संख्या सोमवार रात तक 22987 है. इनमें से अकेले कोलकाता में 7389 लोग इस महामारी की चपेट में आए हैं.

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19 इलाके कंटेनमेंट जोन घोषित

यानी कुल पीड़ितों का 32.14 फ़ीसदी. इसके अलावा कोलकाता के 19 इलाकों को कंटेनमेंट जोन के तौर पर चिन्हित किया गया है जहां नियमित गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है ताकि संक्रमण और अधिक ना फैले. 27 जून से पहले कोलकाता के बस्ती क्षेत्रों में संक्रमण अधिक फैल रहा था. लेकिन अब जो आंकड़े सामने आए हैं उससे पता चला है कि कोलकाता में कुल संक्रमण का 85 फ़ीसदी बहुमंजिला इमारतों अथवा आवासीय परिसरों में रहने वाले लोगों के बीच फैला हुआ है. जबकि बस्ती क्षेत्रों में केवल 15 फ़ीसदी लोग पॉजिटिव हैं. कोलकाता के पंडितया रोड, जस्टिस चंद्र माधव रोड, बाग बाजार आदि इलाके में विशेष तौर पर प्रतिबंध लगाया गया है क्योंकि यहां सबसे अधिक संक्रमण है.

अब बंगाल के कोरोना अस्पताल भी जारी करेंगे मृत्यु प्रमाणपत्र

पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य के सभी कोरोना अस्पतालों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को यह भी सलाह दी कि “गंभीर रोगियों को वेंटिलेटर पर रखने से पहले, दिशानिर्देश के अनुसार उच्च प्रवाह ऑक्सीजन थेरेपी की कोशिश की जानी चाहिए.” स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को  बताया  कि यह कदम कोरोनो मामलों में वृद्धि के बीच मैकेनिकल वेंटिलेटर के उपयोग में कटौती करेगा.

अगर यह मदद नहीं करता है, तो रोगियों को पारंपरिक वेंटिलेटर पर रखा जाना चाहिए. उक्त अधिकारी ने कहा, “हर दिन बढ़ते हुए कोरोना मामलों की संख्या के साथ, हमारे पास हर समय मरीजों के लिए आईसीयू और वेंटिलेटर तैयार होने चाहिए. लेकिन फिलहाल जितने वेंटिलेटर राज्य में हैं, वे पर्याप्त नहीं हैं.” राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में वर्तमान में कोरोना अस्पतालों में 395 वेंटिलेटर और 948 आईसीयू बेड हैं.

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