JamshedpurJharkhand

वीकेंड लॉकडाउन और ऑनलाइन शॉपिंग ने तोड़ी बाजार की कमर, बोनस के बावजूद बिक्री न होने से कारोबारी निराश

Jamshedpur :  कोरोना महामारी के आने से पहले 2019 तक जमशेदपुर का बाजार बोनस की आहट से गुलजार हो जाता था. घरों में शॉपिंग की लिस्ट बनने लगती थी और  दुकानदार और व्यापारी माल का आर्डर देने और स्टॉक करने में जुट जाते थे. पूजा का उत्सव दुकानदार व ग्राहक सबके घर खुशियां लाता था, लेकिन पिछले दो साल से इसमें ग्रहण सा लग गया है. पिछले साल तो ज्यादा हालत खराब थी. इस बार बाजार थोड़ा खुला है, भीड़ भी हो रही है, लेकिन दुकानदार हैरान हैं कि खरीदारी उम्मीद से मुताबिक क्यों नहीं हो रही है. अधिकतर दुकानदारों का कहना है कि कोरोना के लॉकडाउन ने तो बाजार की हालत बिगाड़ी ही है, ऑनलाइन मार्केटिंग ने कोढ़ में खाज का काम किया है. इन दोनों की वजह से बाजार पर काफी प्रभाव पड़ा है। इस संबध में हमने शहर के व्यापारी-कारोबारियों से बात की.

ऑनलाइन में छोटे इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट ज्यादा बिक रहे

ज्यादातर छोटे इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट ऑनलाइन मार्केटिंग से बिक रहे हैं. वाशिंग मशीन, फ्रिज, टीवी आदि बड़े उपकरण अब भी लोग दुकान से ही खरीद रहे हैं. ऑनलाइन में कई बार रिसेल आइटम मिलने की बात भी सामने आ रही है. हम ग्राहकों को दुकान से सामान खरीदने पर सर्विस दिलाने में तत्पर रहते हैं. पूजा में कई आकर्षक ऑफर दे रहे हैं. ऑनलाइन खरीदारी में सर्विस मिलने में परेशानी होती है. हमारे यहां बड़े आइटम की बिक्री संतोषजनक है. बस संडे लॉकडाउन हट जाये तो तेजी आ जाएगी.
– राजा सिंह (मालिक, नेशनल इलेक्ट्रोनिक्स)

ऑनलाइन से धोखा खाकर आ रहे ग्राहक

हमारे यहां कई ग्राहक ऐसे आते हैं, जो ऑनलाइन मार्केटिंग में धोखा खा चुके होते हैं.  दुकान में आकर पसंद करके खरीदने में इस तरह की परेशानी नहीं आती है. शिकायत पर हम तत्काल सामान बदल देते हैं, जो ऑनलाइन में संभव नहीं है,. उसमें काफी समय लग जाता है. ऑनलाइन वाले घाटा सहकर भी सामान बेच देते हैं, क्योंकि उन्हें मार्केट बेस बनाना है. हम ऐसा नहीं कर सकते.
– किशोर सिंघानिया (मालिक, इलेक्ट्रोक्राफ्ट)

छोटे दुकानदारों के लिए  शामत है ऑनलाइन

सरकार सबको नौकरी तो दे नहीं सकती. ऐसे में लोग छोटे-छोटे रोजगार करते हैं, उनके लिए ऑनलाइन मार्केटिंग शामत बनकर आई है. अमेजन व फ्लिपकार्ट ने दो अक्टूबर को पूजा सेल निकाला था.  एक सप्ताह में ही उसका स्टॉक खत्म हो गया. यहां छोटे दुकानदारों का आधा माल भी नहीं बिका है. सरकार को इस पर कुछ करना चाहिए. हमने वित्त मंत्री को भी इस संबंध में कुछ सुझाव दिए हैं.
– सुरेश सोंथालिया (राष्ट्रीय सचिव, कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स)

 40 प्रतिशत तक घटी कपड़ों की बिक्री

आमतौर पर सोमवार से शनिवार तक लोग शाम को ड्यूटी से छह-सात बजे तक घर लौटते हैं. जब वे बाजार निकलने की सोचते हैं या तैयारी करते हैं, तब तक देर हो जाती है. आठ बजे दुकान बंद हो जाती है. रविवार को छुट्टी मिलती है, तो उस दिन दुकान ही नहीं खुलती. मजबूरी में लोग ऑनलाइन मार्केटिंग करते हैं. इसकी वजह से कपड़ों की बिक्री 40 प्रतिशत तक घट गई है.
मनीष (मार्केटिंग हेड, सिटी स्टाइल)

इसे भी पढ़ें – पति के गुजरने के बाद 5 बेटियां पालने को मजदूर बनी मालती की रिम्स में मौत, मुआवजे की मांग पर ग्रामीणों ने दिया धरना

Related Articles

Back to top button