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अभी भी हमलोग पश्चिमी जगत से 10-15 साल पीछे : राजीव शेखर

जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन ने आइआइटी आइएसएम के 39वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित

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आइआइटीयंस का पहला चैलेंज जॉब निर्माण करना : सज्जन जिंदल

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Dhanbad : आइआइटी आइएसएम का 39वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को संस्थान के पेनमैन हाल में संपन्‍न हुआ. दीक्षांत समारोह में 2082 छात्रों में से ग्यारह सौ छात्रों को बीटेक, एमटेक, पीएचडी, डूएल डिग्री समेत अन्य उपाधियां सौंपी गयी. इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन चेयरमैन प्रो डीडी मिश्रा और संस्थान के निदेशक प्रोफेसर राजीव शेखर ने दीप प्रज्वलित कर किया.

नौकरी वहीं करें जहां आप खुद एन्जॉय करते हों

छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा कि घर परिवार से अलग होकर हॉस्टल में रहना एक आश्चर्यजनक अनुभव होता है. लेकिन यहीं से आप अनुभव एकत्र करते हैं और अपने आने वाले लाइफ को आकार देते हैं. उन्होंने छात्रों से वहीं काम करने के लिए कहा जिसमें वे खुद एन्जॉय करते हों. अपने छात्र जीवन के कई अनुभवों को छात्रों से साझा किया.

आने वाला समय स्मार्ट फैक्ट्री का

उन्होंने आइआइटीयंस से कहा कि उनका पहला चैलेंज जॉब निर्माण करना है. मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि आने वाला समय स्मार्ट फैक्ट्री का है. यहीं फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन होगा. छात्रों से कहा कि आइआइटी हमारे देश का सबसे आगे दिखने वाला ब्रांड है, जो कि विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करता है. तो आप सभी पर यह दायित्व है कि आप भारत को एक ब्रांड के रूप में बनाएं और इसे आगे लेकर आएं. जिससे कि देश को गर्व महसूस हो. उन्होंने झारखंड में ग्रुप के तीन प्लांट निर्माण की घोषणा की.

आपका असली जीवन से परिचय अब होगा शुरू

निदेशक प्रो राजीव शेखर ने कोल बेड मिथेन टेक्नोलॉजी पर काम करने और आइबीएम के साथ हुए करार के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दिशा में रिसर्च करने के लिए छात्रों और रिसर्चरों को प्रमोट किया. उन्होंने कहा कि अब तक आपने अपने रियल लाइफ को नहीं देखा. आज जब आप पास आऊट होकर संस्थान से बाहर जा रहे हैं, तो आपका असली जीवन से परिचय होगा. अब आप अपना गोल तय करें, जीवन में बड़े लक्ष्य बनाएं. कहा कि हम लोग आज भी पश्चिमी जगत से 10 से 15 साल पीछे हैं. ऐसे में आप सभी आईआईटीयंस का फर्ज बनता है कि नए आविष्कारों, तकनीकी विजन को डेवेलप करें ताकि हम उनके समक्ष खड़े हो सकें.

क्या कहा टापरों ने : भारत में रिसर्च अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं

आइआइटी आइएसएम के 39वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित छात्रा नूपुर गुप्ता का कहना है कि भारत में अभी भी रिसर्च अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं है. आइआइटीयंस को इस पर ध्यान देने की जरूरत है. फिलहाल वह आइआइटी धनबाद से पीएचडी कर रही हैं और भविष्य में रॉक मैकेनिज्म में रिसर्च करने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि टॉपर बनने का एक ही रास्ता है अच्छी तरह से पढ़ाई करें और मेहनत करें.

गोल्ड मेडल प्राप्त करना शानदार अनुभव

एक साथ पढ़ाई और खेलकूद दोनों के क्षेत्र में आगे रहने वाले रवि कुमार को भी गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. मिनिरल इंजीनियरिंग में पढ़ाई पूरी कर फिलहाल चेन्नई स्थित मिनिरल प्रोसेसिंग की कंपनी एफएल स्मिथ में कार्यरत रवि बताते हैं कि संस्थान में पढ़ाई के साथ एक्स्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज की भी काफी संभावनाएं हैं. सभी का अच्छा सपोर्ट रहा है, इस कारण ही उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ खेलकूद में भी अच्छा किया. कहा कि डिग्री के साथ गोल्ड मेडल प्राप्त करना शानदार अनुभव रहा.

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