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हटिया डैम में जलसंकट होगा दूर, मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने तीन दिनों में कमेटी से मांगी रिपोर्ट

डैम में जलस्तर बढ़ाने के लिये विकसित किया जायेगा नया जल स्रोत

Ranchi: हटिया डैम का लगातार घटता वाटर लेवल बड़ा सवाल बनने लगा है. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने इसे देखते हुए सोमवार को डैम का निरीक्षण किया. उन्होंने डैम में पानी की कमी के विभिन्न पहलुओं को समझा. इस दौरान पथ निर्माण, जल संसाधन तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सीनियर इंजीनियरों की टीम भी थी. मंत्री ने संभावित विकल्पों की तलाश करने को संबंधित विभागों के इंजीनियरों की एक समिति गठित करने का निर्देश दिया. समिति स्थल निरीक्षण कर तीन दिनों के अंदर जल की कमी के कारणों के संबंध में अपनी रिपोर्ट देगी.

रिपोर्ट के आधार पर बनेगी योजना

मिथिलेश ठाकुर के अनुसार पेयजल विभाग डैम में पानी के घटते स्तर को लेकर बहुत ही गंभीर है. हटिया डैम में जलस्तर बढाने के लिये प्रयास होंगे. इसके लिये नये जल स्रोत विकसित करने की भी हरसंभव कोशिश की जायेगी. एक कमेटी बनाकर रिपोर्ट तैयार की जायेगी. समिति के रिपोर्ट के आधार पर आगामी योजना बनायी जायेगी.

बारिश कम होने से डैम में पानी संकट

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मिथिलेश ठाकुर ने हटिया डैम के कैचमेंट एरिया में पानी की कमी के मुख्य कारणों को जाना. इस दौरान उन्होंने रिंग रोड का भी निरीक्षण किया. रिंग रोड के कारण आंशिक रूप से जल प्रवाह पर असर पड़ा है. यह बात भी सामने आयी कि डैम के आसपास के क्षेत्रों नगड़ी, रातु इत्यादि क्षेत्रों में कम बारिश के कारण डैम में वाटर लेवल घटा है. स्वर्ण रेखा नदी भी बिल्कुल सूख गयी है. हटिया डैम के पानी का मुख्य स्रोत यही नदी है.

कौन कौन थे उपस्थित

हटिया डैम के निरीक्षण कार्यक्रम में पेयजल विभाग के इंजीनियर इन चीफ श्वेताभ कुमार, चीफ इंजीनियर नवरंग सिंह, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता नागेश मिश्रा तथा नागेन्द्र तिवारी, पथ निर्माण के इंजीनियर्स के अलावे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता एवं जूनियर इंजीनियर भी उपस्थित थे.

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