JharkhandRanchi

राज्य के सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में 100 दिनों में नल से जल

  • 50 हजार स्कूलों व लगभग 39 हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं राज्य में, मिशन मोड में लगा पेयजल विभाग
  • 4367 पंचायत सचिवालय और सभी हेल्थ सेंटरों, आंगनबाड़ी केंद्रों को भी जल जीवन मिशन का मिलना है लाभ

Ranchi: राज्यभर में सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत और सामुदायिक भवनों की रंगत बदलने वाली है. खासकर पेयजल सुविधाओं के मामले में. जल जीवन मिशन के तहत इनमें अगले 100 दिनों में नल से जल की सुविधा मुहैया करायी जायेगी.

Jharkhand Rai

पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों को इसके लिए विशेष पहल करने की अपील की है. इसे देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भी इस दिशा में आगे बढ़ गया है. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने विभागीय पदाधिकारियों को जल जीवन मिशन का टारगेट पूरा करने का विशेष निर्देश दिया है.

विभागीय सचिव प्रशांत कुमार ने सभी डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को 100 दिनों में सभी स्कूलों औऱ आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी पत्र जारी कर दिया है.

इसे भी पढ़ेः पिस्तौल निकालकर बोले थे अशफाक- किसी ने मंदिर की एक ईंट को भी नुकसान पहुंचाया, तो गोली मार दूंगा

50 हजार स्कूलों तक पहुंचेगा वाटर टेप

राज्य में 38,432 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. सरकारी स्कूलों की संख्या लगभग 50 हजार है. इनमें से 43.7 फीसदी अपर प्राइमरी, 8.2 फीसदी माध्यमिक और 2.6 फीसदी उच्चतर माध्यमिक स्कूल हैं.

पेयजल विभाग द्वारा इंजीनियरों को जारी लेटर में कहा गया है कि फिलहाल राज्य के सभी स्कूलों औऱ आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल के जरिये शुद्ध पेयजल मुहैया कराना है. इसके अलावा सार्वजनिक संस्थानों (हेल्थ सेंटर, सामुदायिक औऱ पंचायत भवन) में भी यह सुविधा दी जानी है.

राज्य के 263 प्रखंडों में 4367 पंचायतें हैं. इनमें 4220 पंचायत भवन बनकर तैयार हैं. बाकी किराये के भवनों में चल रहे हैं. पंचायत भवनों भी यह व्यवस्था किये जाने का प्रयास होगा. इसके लिए डीसी की अध्यक्षता में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर योजना बनाकर धरातल पर उतारने को कहा गया है.

इसे भी पढ़ेः पर्शियन बिल्ली की हुई मौत, मालिक ने लोअर बाजार थाना में दर्ज करायी गला दबाकर मारने की FIR

जलापूर्ति योजनाओं से मिलेगा कनेक्शन

जिन गांवों-टोलों में पेयजल आपूर्ति योजनाएं हैं, उसी से नजदीकी स्कूलों औऱ आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ सार्वजनिक संस्थानों में नल से जल की योजना दी जायेगी. अगर किसी गांव में वाटर सप्लाइ स्कीम खराब पड़ी है तो उसे (JJM के reytofitting के तहत) ठीक कराकर वाटर कनेक्शन दिया जायेगा.

आदिवासी बहुल टोलों, दुर्गम इलाकों में सोलर वाटर स्कीम के तहत नल से जल कनेक्शन दिया जाना है. सोलर वाटर स्कीम के लिये 15वें वित्त के पैसे का उपयोग किया जायेगा. सुखा प्रभावित क्षेत्रों या खराब वाटर क्वालिटी वाले जगह में चापाकल या वैकल्पिक सोर्स से वाटर कनेक्शन की योजना बनेगी. इन कामों में स्कूल प्रबंधन समिति, सेविका, अस्पताल प्रबंधन समिति, पंचायत प्रतिनिधि औऱ दूसरे लोगों की भी मदद ली जायेगी.

इसे भी पढ़ेः 350 करोड़ का बोनस लौटायेगा बाजार में रौनक

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: