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जल संरक्षण जरूरी… अब नहीं जागे तो होंगे भयावह परिणाम

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Rajesh Kumar Das

क्या आप मेरी इस बात को मानेंगे कि #सिविलइंजीनियरिंग और #परिस्थितिविज्ञान (#Ecology) दो बिलकुल भिन्न विषय है, अगर हां तो फिर #रांचीनगरनिगम समेत #झारखंड के समस्त #जलसंरक्षण विभागों से यह सवाल जरूर पूछा जाना चाहिए जल संरक्षण के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों में उन्होंने विशेषज्ञों से क्या #इकोलोजिकल #मार्गदर्शन प्राप्त किया है?

वैसे कुछ सलाह मुफ्त में जो वर्ष 2016 में भी रांची नगर निगम को भेजे गए थे और अब तीन वर्ष बाद फिर से उसकी दरकार जबरदस्त तरीके से महसूस की जा रही है.

1. शहर में जहां पानी का स्तर नीचे चला गया है, और जो ऊंचे जगहों पर अवस्थित स्थान हैं वहां #वॉटरशेड के #RidgeToValley Approach (#R2V) के अनुसार सबसे पहले #रेनवॉटरहार्वेस्टिंग सिस्टम और #जलाशयों का निर्माण होना चाहिए. #शीपेजसिस्टम के कारण नीचे के क्षेत्रों में अपने आप #वॉटरटेबल में वृधि दर्ज होगी.

2. रांची शहर में कई बड़े सरकारी हुक्मरान बड़े-बड़े भूखंडों में अवस्थित बड़े #बंगलों में रहते हैं, जितनी बड़ी जमीन की जरूरत उन्हें शायद नहीं है, उनमें से सटीक भूखंडों की पहचान कर उन भूखंडों में शहर के चारों ओर नए #तालाबों का निर्माण किया जाना चाहिए जहां #वर्षाजल आसानी से पहुंच भी सके और हाइड्रोलोजिकली #जलसंरक्षण #चक्र में अपना योगदान भी दे सके.

3. जहां वॉटर टेबल बहुत नीचे चला गया है, वहां इसकी जांच कर #बोरवेल में लगे तारों को थोड़ा छोटा किया जा सकता है, और एक #राशनिंग की प्रणाली विकसित की जा सकती है, ऐसा थोड़ी है कि पानी की कमी भी हो और आप अपनी मनमर्जी से ज़मीन से पानी निकालते भी रहें. अगर तारों को छोटा किया जाएगा तो नीचे के क्षेत्रों में भी पानी #रीचार्ज होगा. दूसरे, शहर के #ऊंचेंभागों में #बोरवेल को पूर्णतः प्रतिबंधित करते हुए बोरवेल के बजाय पाइप के द्वारा जल आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर समस्त घरों के लिए पूरा किया जाना चाहिए, इससे भी निचले क्षेत्रों में वाटर टेबल में वृधि दर्ज की जाएगी.

4. चूंकि बरसात का मौसम करीब है, इसलिए शहर के #तालाबों को चाहे वो निजी हों या सरकारी, में तुरंत #वेटड्रेजिंगमशीनों के जरिए #डिसिल्टेशन का काम शुरू किया जाना चाहिए. उसकी वजह से वैसे तालाबों के आस-पास के इलाक़ों में अगले कुछ सालों में खासी राहत रहेगी.

5. चूंकि विषय काफी बड़ा है, अतः नगर निगम कृपा कर इंजिनियरिंग का अलावा भी इस विषय के #जानकार लोगों और #संस्थाओं से मदद ले, सहयोग करने वालों की एक बड़ी लिस्ट है, लोग जरूर मदद करेंगे.

6. #रांची झारखंड की #राजधानी है और यहां पर अभी भी कुछ योग्य अधिकारी बचे हुए हैं, रांची को 10 जोन में बांटकर एक-एक जोन में एक अनुभवी अधिकारी को वहां के water replenishment का जिम्मा दिया जाय जो लोगों के साथ मिलकर काम कर सके, तो स्थिति बदलते देर नहीं लगेगी!!

(ये लेखक के निजी विचार हैं)

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