न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

देखें वीडियोः झुंड से बिछड़े हाथी का उत्पात, मकान और फसलों को कर रहा है नष्ट, खदेड़ रहे ग्रामीण

231

Medininagar: सुखाड़ से प्रभावित किसानों को इन दिनों झुंड से बिछड़ा एक हाथी लगातार परेशान कर रहा है. हाथी फसलों को रौंद रहा है, साथ ही घरों को भी नुकसान पहुंचा रहा है. हर दिन किसान हाथी को जंगल में खदेड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हाथी एक गांव से निकल कर दूसरे गांव में घुस जा रहा है.

मोहम्मदगंज इलाके में हाथी मचा रहा तबाही

पलामू जिले के सुदूरवर्ती और गढ़वा जिले से सटे इलाके मोहम्मदगंज में एक जंगली हाथी कहर बरपा रहा है. क्षेत्र के झरहा और कादलकुरमी सहित आस-पास के कई गांवों में हाथी ने खेतों में लगी फसल और कई घरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. जिससे लोगों में भय का माहौल है. एक इलाके से खदेड़े जाने पर हाथी दूसरे गांव में घुस जा रहा है और तोड़फोड़ मचा रहा है. ठंड का मौसम होने के कारण हाथी को भगाने में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रह है. बावजूद इसके ग्रामीण आग की लुकवारी(मशाल) लेकर हाथी को जंगल की ओर भगा रहे हैं.

वन विभाग नहीं हुआ सक्रिय

हाथी के देखे जाने के बाद भी वन विभाग की सक्रियता सामने नहीं आयी है. प्रभावित किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी द्वारा किए गए नुकसान की जानकारी या फिर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने में अबतक वन विभाग के किसी अधिकारी या फिर कर्मी ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी है. नतीजा उनकी परेशानी कम नहीं हो पा रही है. रात और दिन भय के माहौल में कट रहा है.

झुंड से बिछड़ गया है

लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि यह हाथी अपने झुंड से पिछड़ कर मोहम्मदगंज क्षेत्र में पहुंच गया है. ग्रामीण इस हाथी को जंगल की ओर भगाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हाथी भागने का नाम नहीं ले रहा है और लगातार उस क्षेत्र में फसल और घर को नुकसान पहुंचा रहा है. किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उक्त क्षेत्र के किसानों ने वनप्रमंडल पदाधिकारी से हाथी को जंगल में खदेड़ने और नष्ट हुई फसल और घर का मुआवजा दिलाने की मांग की है.

इसे भी पढ़ें – राहुल गांधी का राफेल मामले में नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला, कहा- मुझसे सिर्फ 20 मिनट बहस करें पीएम

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: