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बाल कैदियों पर नजर रखने के लिए बनेगा वाच टावर, मुख्य द्वार पर लगाई जाएगी डीएफएमटी मशीन

Ranchi: रांची के सदर थाना क्षेत्र के डुमरदगा स्थित रिमांड होम में बंद बाल कैदियों पर नजर रखने के लिए एक वाच टावर बनाया जाएगा. इस वाच टॉवर के माध्यम से बाल सुधार गृह के हर एक गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी. बाल कैदियों तक किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंधित सामान नहीं पहुंच सके, इसके लिए मुख्य द्वार पर डीएफएमटी मशीन से अंदर जाने वाली सामग्रियों की जांच की जायेगी.

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इससे पहले सिटी एसपी सौरभ ने रिमांड होम की खामियों की गहनता से जांच किया था. इन्होंने जांच के क्रम में पाया था कि रिमांड होम के समीप से डुमरदगा जाने वाले गलीनुमा रास्ते से बाल कैदियों तक प्रतिबंधित सामान पहुंचाया जा सकता है. सिटी एसपी ने यह भी पाया कि रिमांड होम में ही जेजे बोर्ड का कार्यालय है, जहां बेल आउट नाबालिग का आना – जाना लगा रहता है. सिटी एसपी ने बताया था कि मुख्य द्वार पर डीएफएमटी मशीन नहीं होने की वजह से लोग अवैध सामान को अंदर ले जाते हैं.

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आपको बता दें कि सदर एसडीओ और सिटी एसपी को लगातार सूचना मिल रही थी कि बाल सुधार गृह डुमरदगा में धड़ल्ले से अवैध कारोबार किया जा रहा था. सदर एसडीओ उत्कर्ष गुप्ता और सिटी एसपी ने 19 जून को डुमरदगा स्थित बाल सुधार गृह में छापा मार कर पांच मोबाइल, चाकू, खैनी, गांजा व कई आपत्तिजनक सामान बरामद किया था. इस मामले में शक की सुई गृहपति से लेकर सुरक्षा करने वाले जवानों के इर्द-गिर्द घूम रही है. बताते चलें कि टीम आने की भनक मिलने पर वार्ड में बंद बाल बंदियों ने खिड़की से सारा प्रतिबंधित सामान बाहर फेंकने का प्रयास किया गया था.

 

क्या है डीएफएमटी मशीन

 

डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर मशीन के माध्यम से उसके अंदर से गुजरने वाले व्यक्ति के पास यदि मेटल का कोई भी सामान है तो मशीन से बीप की आवाज आनी शुरू हो जाएगी और लाल बत्ती जल जाएगी. यदि कोई हथियार या अन्य हैवी मेटल होने पर इससे मशीन की सभी लाल बत्तियां जल जाएंगी और बीप की आवाज तेज हो जाएगी. इसके लिए इस मशीन के पास आरपीएफ का जवान तैनात रहेगा. शक होने पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से उसकी जांच की जाएगी.

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