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कचरे का उठाव ठप, कर्मचारियों को नहीं मिला है वेतन, एनएच 58 पर अंधेरा, निगम के नये आयुक्त विवाद सुलझा नहीं पा रहे!  

शहर की किसी भी गली से कचरा नहीं उठाया गया है.  वजह यह कि कचरा उठाने वाली गाड़ियों को पेट्रोल पंप ने पेट्रोल देना बंद कर दिया है.

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Abinash Mishra

Jamshedpur :  जमशेदपुर के आदित्यपुर में इन दिनों कचरे का उठाव ठप हो गया है. तीन दिनों से शहर की किसी भी गली से कचरा नहीं उठाया गया है.  वजह यह कि कचरा उठाने वाली गाड़ियों को पेट्रोल पंप ने पेट्रोल देना बंद कर दिया है. क्योंकि बीते महीने का बकाया दो लाख से ज्यादा हो चुका है और भुगतान पेंडिंग है. इतना ही नहीं कर्मचारियों को बीते दो माह से वेतन भी नहीं मिला है.

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निगम में नये आयुक्त शशिधर मंडल के पदभार ग्रहण करने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि आदित्यपुर नगर निगम का काम और मजबूती के साथ होगा,  लेकिन स्थिति और उलझ गयी है.  क्योंकि बैक  अब आयुक्त के हस्ताक्षर को मानेगा.  इस सबंध में निगम की  तरफ से जरूरी जानकारी और डॉक्युमेंट्स जमा किये गये हैं, लेकिन अभी तक बैंक की तरफ से न तो वेरिफिकेशन हुआ है और न ही क्लीयरेंस मिला है. लिहाजा सैलरी समेत सभी जरूरी काम लटक गये हैं.

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रोडलाइट को लेकर निगम-एनएचएआई में विवाद

फोरलेन एनएच 58 पर आदित्यपुर और कांड्रा के बीच 33 किमी की दूरी है. 10 किलोमीटर से ज्यादा दूरी में अंधेरा पसरा रहता है क्योंकि 10 किलोमीटर के फासले में एक भी रोडलाइट नहीं है,  जबकि रोड सेफ्टी गाइडलाइन के अनुसार शहरी क्षेत्र में हाइवे हो या सड़क,  हर 20 मीटर पर रोडलाइट का होना जरूरी है. बड़ी बात यह भी कि जो रोडलाइट है,  उसमें पुरानी वेपर लाइट लगी है. उनको भी एलईडी में बदला नहीं गया है . यह विषय आदित्यपुर निगम और नेशनल हाइवे ऑथॉरीटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के बीच विवाद का मसला बना हुआ है. जिसके चलते कौन इन अधेरी सड़कों पर रोशनी विखेरेगा, ये तय ही नहीं हो पा रहा.

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इसके पीछे का कारण यहां डॉक्टरों का वेतन पहले से मौजूद मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी कम था. संसाधनों की कमी और निजी कारण बताकर डॉक्टर नये मेडिकल कॉलेजों में सेवा देने से पीछे हट रहे हैं.

नये आयुक्त भी नहीं सुलझा सके हैं विवाद

दरअसल नये आयुक्त शशिधर मंडल का ऑफिस आना-जाना भी कुछ ज्यादा नहीं हो पा रहा.  पदभार ग्रहण करने के बाद से वो शहर से लगातार बाहर ही हैं,  जिसके चलते विवाद सुलझने में वक्त लग रहा है. निगम में अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि एनएचएआई चाहता है कि शहरी क्षेत्र के फोरलेन पर लगी रोडलाइट को मेंटेन करने का जिम्मा निगम उठाये. लाइट लगाने का काम एनएचएआई कर रही है. इसको लेकर निगम और एनएचएआई के बीच बैठक हुई है. प्रस्ताव भी दिया गया है. लेकिन अभी तक इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. अब सभी इंतजार में है चि  मामले पर नये आयुक्त कब गभीर होंगे.

क्या कहते हैं मेयर विनोद श्रीवास्तव

निगम के मेयर विनोद श्रीवास्तव कहते हैं कि शहर के अंदर भी जो स्ट्रीट लाइट लगी है, उनकी खरीदी भी आदित्यपुर निगम नहीं करता.  स्ट्रीट लाइट रांची की किसी कंपनी से आती है. निगम का जिम्मा केवल स्ट्रीट लाइट लगाने और खराब होने पर बदलने का है उसी तरह शहरी क्षेत्र के फोरलेन पर भी रोड लाइट्स को मेंटेन करने का काम निगम कर सकता है , जिस पर नगर आयुक्त के साथ वैठक होनी है.  लेकिन उनके दिल्ली दौरे पर होने की वजह से बैठक नहीं हो पा रही है.

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