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वाशिंगटन पोस्ट के खशोगी लापता, हत्या का संदेह, अमेरिका  ने सऊदी अरब से सहयोग मांगा

अगर यह सच है तो यह दुखद दिन है .  दुनियाभर में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा प्रेस की आजादी और मानवाधिकारों के लिए खतरा है . स्वतंत्र दुनिया को जवाब चाहिए. 

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 Washington :  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के प्रतिष्ठित पत्रकार की गुमशुदगी पर चिंता जताई और उनका पता लगाने के लिए जांच में सहयोग करने तथा जांच के नतीजों के बारे में पारदर्शिता बरतने का अनुरोध किया है. सऊदी अरब के पत्रकार और वाशिंगटन पोस्ट के लिए काम करने वाले जमाल खशोगी गत सप्ताह तब से लापता हैं जब वह इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में गये थे. मीडिया में आ रही कुछ खबरों के अनुसार, 59 वर्षीय खशोगी की सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास के भीतर हत्या कर दी गयी. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा,

मैं इसे लेकर चिंतित हूं.  मुझे इसके बारे में सुनकर अच्छा नहीं लगा.  उम्मीद है कि यह खुद से हल हो जायेगा. अभी कोई भी इसके बारे में कुछ नहीं जानता लेकिन कुछ बुरी खबरें चल रही हैं.  मुझे यह अच्छा नहीं लगा.

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खशोगी की नियोजित तरीके से भीतर ही हत्या कर दी गयी

द वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी खबर में कहा है, तुर्की के अधिकारियों ने कहा कि उनका मानना है कि खशोगी की नियोजित तरीके से भीतर ही हत्या कर दी गयी . इसे अंजाम देने के लिए सऊदी अरब से 15 लोगों की टीम दो विमानों में पहुंची. बहरहाल, सऊदी अरब के अधिकारियों ने कहा कि खशोगी गुपचुप तरीके से वाणिज्य दूतावास से चले गये. अमेरिकी निवासी खशोगी ने पिछले करीब एक साल से सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान की आलोचना में कई लेख लिखे.  तुर्की की महिला से अपनी शादी की योजना की पूर्वसंध्या पर वह दो अक्टूबर को वाणिज्य दूतावास में गये और उसके बाद से उन्हें देखा नहीं गया. अमेरिकी के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि उन्होंने खशोगी की सुरक्षा और उनके बारे में पता चलने की परस्पर विरोधी खबरें देखी हैं.  उन्होंने कहा, जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, अमेरिका उनके लापता होने से चिंतित हैं .

विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को लेकर कूटनीतिक माध्यमों से सऊदी अरब के साथ बात की है. अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने भी पत्रकार की गुमशुदगी के रहस्य पर टिप्पणी करते हुए कहा, स्वतंत्र दुनिया को जवाब चाहिए. पेंस ने एक ट्वीट कर कहा, सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी के बारे में खबरें सुनकर बेहद दुखी हूं . अगर यह सच है तो यह दुखद दिन है .  दुनियाभर में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा प्रेस की आजादी और मानवाधिकारों के लिए खतरा है . स्वतंत्र दुनिया को जवाब चाहिए.

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