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पिछड़ों के आरक्षण पर आजसू पार्टी की सरकार को चेतावनी, सुदेश ने कहा- जनादेश का हो सम्मान

Ranchi : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का मसला अब गंभीर सवाल बन चुका है. मोरहाबादी मैदान में पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शासक जब कमजोर होता है, वादाखिलाफी करता है तो जनता की आवाज को दबाने के लिए पुलिस और बैरिकेड का इस्तेमाल करता है. तीन दिनों से हेमंत सरकार राजधानी रांची में यही कर रही है. पर सामाजिक न्याय यात्रा के तहत पिछड़ा आरक्षण बढ़ाने की पार्टी की लड़ाई अब पूरे राज्य में वृदह स्वरूप ग्रहण करेगी.

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इसके लिए चाहे हमारी प्रतिबद्धता की बाजी लग जाये पर पिछड़ा आरक्षण बढ़ाने की मांग और जनभावना के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे.

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8 अगस्त से शुरू हुआ आजसू पार्टी का आंदोलन हेमंत सोरेन सरकार के लिए चेतावनी है. इस दौरान सांसद सीपी चौधरी, विधायक लंबोदर महतो, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस समेत पार्टी के कई अन्य नेता भी मौजूद थे.

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सदन में भी टालमटोल जवाब

सुदेश महतो ने कहा कि विधानसभा में बुधवार को उन्होंने पिछड़ा आरक्षण, नियोजन नीति और जातीय जनगणनना को लेकर सरकार का ध्यान खींचा था.

जानना चाहा कि इन अहम मसलों पर सरकार की मंशा क्या है तो सीएम का स्पष्ट उत्तर नहीं मिला. सीएम ने पिछड़ा आरक्षण के सवाल पर केंद्र सरकार का हवाला दिया जबकि उन्होंने सरकार से कहा कि यह सीधे राज्य से जुड़ा विषय है. ओबासी समाज की नजर राज्य सरकार पर लगी है.

सीएम कहते हैं कि जातीय जनगणना को लेकर जनप्रतिनिधियों का एक दल लेकर केंद्र के पास जायेंगे. पर पार्टी का कहना है कि उससे पहले विधानसभा से एक प्रस्ताव पारित करके केंद्र को भेजें. 1932 की दुहाई देने वाले लोग अब झारखंडी भावना के खिलाफ नियोजन नीति तय कर रहे हैं.

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मौके पर चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा कि सत्तारूढ़ दलों ने जनादेश का अपमान किया है. उनका घोषणा पत्र, रैली और जनसभा में भाषण, वादे सब कुछ झारखंड की जनता को याद है.

पिछड़ा वर्ग अपना हक और संवैधानिक अधिकार मांग रहा है. पौने दो साल की सरकार के पास कोई विजन नहीं है और न ही वादे पूरे करने की मंशा.

राज्य में आधी से अधिक आबादी पिछड़ों की है, लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार पिछड़ा विरोधी रवैया लगातार अपना रही है.

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