न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

वार्ड समिति चयन प्रकिया को सरल बनाये निगम : पार्षद

वार्ड समिति नहीं बनने से वार्ड क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्य हो रहा है बाधित. 9 अक्टूबर को बोर्ड बैठक में वार्डों से क्षेत्र सभा प्रतिनिधि के चयन के लिए समिति गठित करने का है प्रावधान

78

Ranchi : नगर निगम अंतर्गत बनने वाले वार्ड समिति को लेकर कई पार्षद पहले से ही नाराज है. पार्षदों का कहना है कि इतनी जटिल प्रकिया से सदस्यों के चुनाव में काफी समय लग सकता है. पार्षदों ने मेयर आशा लकड़ा से समिति के चयन प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है. इसे लेकर आगामी 9 अक्टूबर को नगर निगम बोर्ड बैठक में चर्चा की जाएगी. इससे अलावा कई पार्षदों ने चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने की बात भी कही है. जैसा कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम में कहा गया है कि हर वार्ड के अंतर्गत चार बूथ पर एक सदस्य को मनोनित किया जाना है. इस संदर्भ में निगम वार्ड क्षेत्र से सदस्यों के मनोनयन के लिए एक आवेदन मांगेगा. आवेदकों को अपने वार्ड कार्यालय से आवेदन लेकर भरा हुआ आवेदन वहीं जमा करना होगा. आचरण, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदकों का चयन होगा. सदस्यों का चयन होने के बाद वार्ड समिति बनेगी. इसके अध्यक्ष संबंधित वार्ड के पार्षद होंगे. इसके अलावा प्रत्येक वार्ड में 9 से 11 क्षेत्रीय उप समिति का गठन होगा. इसमें जलापूर्ति, स्वच्छता, स्वनियोजन और वार्ड कल्याण उप समिति गठित की जाएगी.

इसे भी पढ़ें : निगम अंतर्गत पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए सांसद नकवी ने दिये 1.63 करोड़ रुपये

वार्ड समिति नहीं बनने से विकास का काम हैं ठप

मालूम हो कि नगर विकास विभाग ने सभी वार्ड के लिए वार्ड समिति का गठन करना अनिवार्य कर दिया है. विकास कामों के लिए इन वार्ड समिति की अनुशंसा को आवश्यक बनाया गया है. लेकिन समिति गठित नहीं हो पाई है. इसके कारण गत कई माह से शहर के विभिन्न वार्डों में विकास का कार्य ( रोड-नाली आदि) का काम ठप है. यहीं कारण है कि निगम ने क्षेत्र सभा बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

शनिवार को बुलायी जानी थी बैठक

कुछ दिन पहले डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा था कि वार्ड समिति के गठन को लेकर पार्षदों के बीच जो समस्या है. उसके लिए शनिवार (6 अक्टूबर) को एक बैठक बुलायी जाएगी. हालांकि यह बैठक नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा था कि निगम क्षेत्र में बननेवाली वार्ड समिति के होने से वार्डो में विकास के कार्यों में तेजी आएगी. समिति के बनने से वार्डों में वही योजनाएं ली जायेंगी, जिसकी अनुशंसा समिति करेगी. ऐसे में कई पार्षदों की मनमानी नहीं चलेगी.

इसे भी पढ़ें : 140  IAS और 60 IFS बायोमिट्रिक से नहीं बनाते हैं हाजिरी, राज्य प्रशासनिक सेवा अफसरों ने भी छोड़ा…

बोर्ड बैठक में लाया जाना है विचार

आगामी 9 अक्टूबर को निगम बोर्ड की प्रतिमाह होने वाली बैठक वार्ड समिति के गठित करने प्रस्तावित है. बैठक में प्रतिनिधियों के मनोनयन के लिए समिति गठित करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा. बैठक में प्रतिनिधियों के चयन पर विचार के लिए अधिनियम के अनुसार एक विशेष समिति विचार-विमर्श करेगी. इसमें निम्न सदस्यों को होना आवश्यक है.

अध्यक्ष – मेयर,

सदस्य – नगर आयुक्त,

सदस्य – संबंधित वार्ड के पार्षद,

सदस्य – अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्षद,

सदस्य – महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला पार्षद,

सदस्य – संबंधित वार्ड के सिविल सोसाइटी का प्रतिनिधित्व करने वाले नामित व्यक्ति,

जटिलता की जगह सरल करने की मांग

वार्ड समिति के गठन पर विरोध करने के सवाल पर कुछ पार्षदों का कहना है कि यह प्रक्रिया तो 74 वें संविधान संशोधन के तहत किया जाना अपेक्षित है. लेकिन हमारी मांग है कि समिति के चयन को लेकर जो भी प्रक्रिया बनायी गयी है, उसे सरल बनायें. पार्षदों कहना है कि वार्ड समिति में सदस्यों का चयन सीधे-सीधे बूथ स्तर से करने का अधिकार पार्षदों को दे दिया जाए. सभी पार्षद अपने क्षेत्र से समिति के सदस्यों का चुनाव कर निगम को इसकी जानकारी दे देगें.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.


हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: