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जंगली हाथियों का कहर, कई मकानों को किया क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों पर हमला

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Palamu : पलामू टाइगर रिजर्व के अलावा गढ़वा जिले के कांडी क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान जंगली हाथियों ने जमकर कहर बरपाया. कई मकान क्षतिग्रस्त कर दिए, जबकि ग्रामीणों पर हमला बोला. हाथियों के उत्पात की सूचना मिलने के बाद भी देर से आए वन विभाग के अधिकारियों पर ग्रामीणों का गुस्सा देखा गया. ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को देखकर उनपर कई आरोप लगाए.

बेतला नेशनल पार्क के पास हाथियों का आतंक

 

बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत बेतला नेशनल पार्क के आसपास जंगली हाथियों का आतंक कई दिनों से जारी है. पलामू किला जाने वाले रास्ते में स्थित तुरी टोला निवासी इमामुद्दीन अंसारी का घर शुक्रवार की मध्य रात्रि में जंगली हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया. जिस घर को हाथियों ने तोड़ा, उसमें कई लोग सो रहे थे. अचानक दीवार गिरने से लोग घबारा गए. हाथी को दीवार से टकराते देख किसी तरह लोग घरों से निकल कर भागे.

नहीं भागते हो चली जाती जान

प्रभावित परिवार ने बताया कि रात को अगर घर छोड़कर नहीं भागते तो उनकी जान चली जाती. दीवार गिरने से जलालुद्दीन के साथ-साथ उसकी पत्नी तेतरी बीवी, लालून मसोमात, शोकरार अंसारी बाल-बाल बच गए. ग्रामीणों ने बताया कि दीवार तोड़ने के बाद हाथियों द्वारा घर में रखे एक क्विंटल चावल को भी तितर-बितर कर दिया गया.

वन विभाग क्षतिपूर्ति देने में करता है आनाकानी

पिछले वर्ष भी हाथी के द्वारा इसी परिवार के सदस्यों को घर को क्षतिग्रस्त किया था, लेकिन आज तक वन विभाग द्वारा प्रभावित परिवार को क्षतिपूर्ति की राशि नहीं दी गयी. इससे प्रभावितों में वन विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है. पीड़ित परिवार काफी गरीब है. मकान क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद ठंड के इस मौसम में पूरे परिवार का मकान में रहना मुश्किल हो गया है.

जानकारी लेने के बजाए डीएफओ करने लगे सवाल-जवाब

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हाथियों के उत्पाद और प्रभावित परिवार को मुआवजा दिए जाने के संबंध में जानकारी मांगने पर डीएफओ विनय कांत मिश्रा उल्टे संवाददाता से ही सवाल जवाब करने लगे. सारी जानकारी विभाग के रेंजर के लेने के बजाए यह पूछने लगे कि किसका घर टूटा है, कौन-कौन प्रभावित हुए हैं, कब हुई घटना? इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन विभाग के अधिकारी अपने दायित्वों को निभाने में कितना सजग और तत्पर हैं.

कांडी में दहशत का माहौल

इधर, कांडी के भंड़रिया गांव में अपने झंड से बिछड़कर घुसे एक जंगली हाथी के आंतक से ग्रामीण दहशत में हैं. भड़रिया निवासी अनूप सिंह को हाथी ने पैर से मारकर घायल कर दिया है. मोरबे निवासी मनोज राम के पुत्र अनूप कुमार को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया है. ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार की देर रात से ही एक हाथी गांव में प्रवेश कर गया है. जंगली हाथी गांव में ही घुम रहा है. ग्रामीणों ने मशाल जला कर हाथी को भगाने की कोशिश की, लेकिन हर कोशिश बेकार हो गया. फिलहाल ग्रामीण दहशत में हैं. शनिवार की सुबह तक हाथी भड़रिया गांव में घुम रहा था, जिससे आसपास के कई गांवों के लोग दहशत में हैं. हाथी पलामू जिला के मोहम्मदगंज वन क्षेत्र से भटककर कोयल नदी पार करते हुए गढ़वा के कांडी प्रखंड में दाखिल हुआ है.

वन विभाग पर फूटा गुस्सा

इधर, हाथी के गांव में घुस जाने की सूचना मिलने पर शनिवार को भड़रिया पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. रेंजर मुन्ना पासवान व उनके टीम के सदस्यों को भड़रिया गांव निवासी सह झामुमो नेता अंजनी सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कई आरोप लगाए. कहा कि ग्रामीण नीलगाय और हाथी से परेशान हैं, लेकिन विभाग के अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं देखा जा रहा है. उनकी मेहनत नष्ट हो जा रही है. लोगों भय के माहौल में जीने को विवश हैं.

क्या कहते हैं डीएफओ

डीएफओ ए.के. गुप्ता ने कहा कि वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ हाथी को भगाने में लगी हुई है. ग्रामीण आक्रोशित न हों, धैर्य से काम लें.

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