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सीएम आवास के पास चलता था अवैध शराब का कारोबार, बेखबर रहा उत्पाद विभाग

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Ranchi: गोंडा थाना क्षेत्र के हातमा बस्ती में रविवार को जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत की घटना के बाद उत्पाद विभाग की नींद खुली और उसके बाद उत्पाद विभाग ने छापेमारी अभियान चलाया. अगर कभी उत्पाद विभाग ने यहां पहले छापेमारी अभियान चलाया होता तो शायद जहरीली शराब पीने के चलते 7 लोगों की मौत नहीं होती. सबसे बड़ा सवाल तो यह उठता है कि सीएम आवास, मुख्य न्यायाधीश आवास के बिल्कुल पास होने के बाद भी यहां शराब का अवैध कारोबार बरसों से फल-फूल रहा था. लेकिन, उत्पाद विभाग की नजर इस और कभी नहीं गई.

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कई वर्षों से चल रहा था अवैध शराब का कारोबार

हातमा बस्ती के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार बस्ती में अवैध शराब का कारोबार कई वर्षों से फल-फूल रहा था. लेकिन, उत्पाद विभाग की नजर कभी इस इलाके में चलने वाले अवैध शराब के धंधा पर नहीं पड़ा. जिसके चलते शराब कारोबारी की हिम्मत दिन प्रतिदिन बढ़ती चली गई और आखिरकार ऐसा हुआ कि जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत हो गई. उत्पाद विभाग ने अगर पहले सतर्कता दिखाई होती तो इस तरह की घटना पर रोक लग सकती थी.

7 लोगों की मौत के बाद भूमिगत हुए शराब कारोबारी

हातमा बस्ती में शराब पीने से 7 लोगों की मौत के बाद वहां के स्थानीय लोग दबी जुबान से आपस में बात कर रहे थे और नाम नहीं छापने के बात पर बताया कि शनिवार की रात में ही 2 लोगों की मौत हो गई थी. उन लोगों ने बस्ती में बनने वाले शराब का ही सेवन किया था. उनकी मौत की सूचना जैसे ही शराब कारोबारियों को मिली वह समझ गए कि और लोगों की मौत हो सकती है. और यह मामला आगे तक जाएगा. यही वजह है कि शनिवार देर रात तक अवैध शराब की खेप को बस्ती से हटा लिया. शराब कारोबारी भूमिगत हो गए. सुबह होते-होते तीन और लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से बीमार हो गए.

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कई घरों में बनाया जाता है अवैध शराब

हातमा बस्ती के कई घरों में लोग खुद शराब बनाते हैं. इसमें इस्तेमाल होने वाली यूरिया और स्प्रिट रांची के नामकुम से सप्‍लाई होती है. कुछ शराब कारोबारी मधुकम के भी हैं. नामकुम के प्रहलाद सिंधिया के जेल जाने के बाद उसे स्प्रिट मुहैया कराने वाले लोग अब छोटे स्तर पर लोकल मार्केट में स्प्रिट बेच रहे हैं. बताया जा रहा है कि हातमा बस्ती में एकाएक शराब पीने के बाद शुरू हुई मौतों के सिलसिले के बीच सभी शराब कारोबारी फरार हो गए. पुलिस को जानकारी मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के ठिकानों पर छापेमारी भी हुई, लेकिन उन जगहों पर कोई भी शराब कारोबारी नहीं मिले. न ही उनके यहां से शराब बरामद हुआ.

ज्यादा नशे के लिए हड़िया में भी मिलाते हैं स्प्रिट

हातमा बस्ती के लोगों के द्वारा बताए अनुसार लोग ज्यादा नशे के लिए और नशा बढ़ाने के लिए लोग हड़िया (देसी दारू) में भी स्प्रिट मिलाने लगे हैं. यह नुकसान का कारण बन रहा है. आशंका जताई जा रही है स्प्रिट में किसी रसायन के अधिक मात्रा होने से शराब जहरीला रूप लिया. जिसे पीने के बाद एक के बाद एक मौतें होने लगी. इस बताया जा रहा है कि शराब की बड़ी खेप गली-मोहल्लों में सप्लाई हुई, जो जहरीली है. पुलिस ने इस आशंका को देखते जिले में सभी जगहों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है.

एक साल पहले भी 17 लोगोंं की हुई थी मौत

बता दें कि राजधानी रांची में पिछले बस शराब पीने से 17 लोगों की मौत हो मौत हो गई थी. जहरीली शराब के मामले में पहला केस सुखदेव नगर थाना में संतोष सिंह की लिखित शिकायत पर 4 सितंबर 2017 को दर्ज हुआ था. केस की जांच के दौरान पाया गया था कि संतोष कुमार और अन्य ने डोरंडा थाना क्षेत्र से इंद्रभान थापा की दुकान से शराब खरीद कर अपने दोस्तों के साथ पी थी. जिसमें संतोष के मित्र अमित कुमार उर्फ संटी, संदीप चौधरी, अरविंद यादव की मौत हो गई थी. वहीं दूसरी ओर संतोष सहित अन्य लोग बीमार हो गए थे. जांच में यह बात सामने आई कि युवकों ने जिस शराब का सेवन किया था. उसमें मिठाई और इथाइल अल्कोहल की मात्रा अधिक थी. जिसके कारण शराब पीने वाले युवकों की मौत हो गई. इस केस में इंद्रभान थापा गौतम थापा और शराब कारोबारी प्रह्लाद सिंघानिया को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है. इस घटना के बाद डोरंडा हरमू लालपुर सहित अन्य इलाकों में कुल 17 लोगों की मौत की बात सामने आ चुकी है.

दोबारा सक्रिय हो गए शराब कारोबारी

पिछले साल जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत होने के बाद सभी थाना क्षेत्र में रोजाना अवैध तरीके से शराब बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाए जाने लगा मामले में या भी निर्णय लिया गया था कि अगर किसी थाना क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री होते पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिसके कारण अवैध शराब की बिक्री पर काफी हद तक रोक भी लगी थी. लेकिन धीरे-धीरे मामले में उत्पाद विभाग और पुलिस की छापेमारी धीमी पड़ती गई और शराब कारोबारी द्वारा सक्रिय हो गए.

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