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वाजिद खान की पारसी पत्नी का ससुराल पर जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप, कंगना  ने ट्वीट कर पीएमओ से पूछा

मैं प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहती हूं कि अल्पसंख्यक लोग जो ड्रामा नहीं करते, किसी का सिर कलम नहीं करते,  दंगे और धर्म-परिवर्तन नहीं करते, उन्हें हम कैसे सुरक्षित रखें?

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 NewDelhi :  दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पत्नी कमलरुख ने  आरोप लगाया है कि वाजिद के देहांत के बाद उनके ससुराल वाले जबरदस्ती इस्लाम धर्म कबूलने के लिए कह रहे हैं. कमलरुख ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एंटी कन्वर्जन लॉ पर लंबा पोस्ट लिखा है.  बता दें कि 1 जून 2020 को लंबी बीमारी के बाद वाजिद खान का निधन हुआ था. वाजिद के निधन के बाद उनकी पत्नी कमलरुख ने उनके परिवार पर आरोप लगाया है कि वे उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहे है.

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पारसी अल्पसंख्यक हैं, वह देश पर कब्जा करने नहीं आये थे

वाजिद की पत्नी पारसी हैं और वाजिद मुस्लिम थे. वाजिद का परिवार चाहता है कि वे मुस्लिम धर्म अपना लें, जिसका विरोध करते हुए कमलरुख ने उनके परिवार उत्पीड़न समेत आरोप लगाये हैं  इस मामले में अब अभिनेत्री कंगना रणौत ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. कंगना ने ट्वीट कर सीधा पीएमओ से सवाल पूछा है.

कंगना ने लिखा. इस देश में पारसी अल्पसंख्यक हैं. वह देश पर कब्जा करने नहीं आये थे. वह यहां तलाश में आये थे और उन्होंने बहुत आराम से भारत माता का प्यार मांगा था. इनकी छोटी सी जनसंख्या ने हमारे देश की सुंदरता, वृद्धि और आर्थिक मामलों में बहुत बड़ा योगदान दिया है.

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कमलरुख मेरे दोस्त की विधवा हैं जिन्हें परेशान किया जा रहा है

कंगना ने  कहा कि  कमलरुख मेरे दोस्त की विधवा हैं जिन्हें परिवार द्वारा परेशान किया जा रहा है. मैं प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहती हूं कि अल्पसंख्यक लोग जो ड्रामा नहीं करते, किसी का सिर कलम नहीं करते,  दंगे और धर्म-परिवर्तन नहीं करते, उन्हें हम कैसे सुरक्षित रखें?  पारसियों की कम होती संख्या भारत के कैरेक्टर के बारे में बड़ा खुलासा करती है.

कंगना ने एक अन्य ट्वीट में कहा- मां का वो बच्चा जो सबसे ज्यादा ड्रामा करता है उसे अटेंशन और फायदे मिलते हैं. और जो ये सब पाने के लायक है उसे कुछ नहीं मिलता. हमें सोचने की जरूरत है.

बता दें कि कमलरुख ने अपने पत्र में लिखा था कि मैं पारसी थी और वे मुस्लिम थे. हम यूं समझ लीजिए कि कॉलेज स्वीटहार्ट्स थे. यहां तक कि जब हमने शादी की तो स्पेशल मैरिज एक्ट के अंतर्गत की थी. मैं इस पर अपना अनुभव बताना चाहती हूं कि किस तरह से मुझे इंटरकास्ट मैरिज करने के बाद धर्म के आधार पर भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है.

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