न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

वेज फेड दे रहा है किसानों को प्रशिक्षण, राज्य में उग रही हैं विदेशों में पाये जाने वाली सब्जियां

राज्य के किसानों को कृषि संबधी जानकारी देना साथ ही सरकार की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाना इस एजेंसी का मुख्य कार्य है.

34

Ranchi  : किसानों की समस्या जग जाहिर है. राज्य में पर्याप्त मात्रा में फसल का न उगना और इससे किसानों को होने वाली परेशानी कोई नयी नहीं है. किसानों को इसी समस्या से उभारने के लिये 1992 में कृषि विभाग की एजेंसी वेज फेड की स्थापना की गयी. जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को कृषि संबधी जानकारी देना साथ ही सरकार की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाना इस एजेंसी का मुख्य कार्य है.

इसे भी पढ़ें : अहमदाबाद : सिंचाई घोटाले के आरोपी से 40 लाख घूस मांगने के आरोप में कांग्रेस विधायक गिरफ्तार

वर्तमान में ये संस्थान किसानों को विदेशी सब्जियां उगाने की जानकारी दे रही है. किसानों के उगाये इन सब्जियों को आम जन तक पहुंचाने के लिये जेसोवा की ओर से आयेाजित दिवाली मेला में संस्था की ओर से स्टॉल लगाया गया है. इस स्टॉल में स्वदेशी सब्जियों के साथ जुकीनी, रेड कैप्सिकम, येलो कैप्सिकम, बेबी कॉर्न समेत अन्य सब्जियां मिल रही है.

जुड़े हैं दो लाख किसान

इस एजेंसी की स्थापना के समय इससे 21 किसान जुड़े थे, लेकिन वर्तमान में इससे पूरे राज्य में लगभग दो लाख किसान जुड़े है. जिन्हें कृषि से संबधित विभिन्न जानकारी दी जाती है. इन कृषकों को कृषि लोन आदि भी उपलब्ध कराता है. राज्य में उगाये विदेशी सब्जियों को एजेंसी दूसरे राज्यों में मार्केट उपलब्ध कराना, पैकिंग संबधी अन्य जानकारी दी जाती है.

इसे भी पढ़ें : थरुर के ‘बिच्छु’ वाले बयान पर जावेड़कर का पलटवार, याद दिलाया राजीव गांधी का पुराना बयान

किसानों को उपलब्ध कराया वर्मी बेड

एजेंसी के असिसटेंट मैनेजर सुनील यादव ने बताया कि हाल के दिनों में एजेंसी की ओर से किसानों को वर्मी बेड उपलब्ध कराया गया है. वर्मी बेड के उपयोग से किसान दुर्लभ सब्जियों को आसानी से उगा सकते है. विशेषकर बेबी कॉर्न, जुकीनी, मशरूम जैसी सब्जियों को. उन्होंने बताया कि वर्मी बेड जैविक खाद का ही एक रूप है. इसमें किसानों को खेती करने में सहायता होती है. खाद को मिट्टी में मिलाने के बजाय वर्मी बेड में ही बीजों को रोपा जाता है. जिससे सब्जियां जल्दी उगती है.

palamu_12

दूसरे राज्यों में बेचने की है कोशिश

सुनील ने बताया कि यहां उगाये जाने वाले सब्जियों की अधिक पैदावार हो जाने पर दूसरे राज्यों में बेचने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में इन सब्जियों की खपत कम है. वहीं बैंगलोर से आने वाली ये सब्जियां लोगों को असानी से बाजार में मिल जाती है. जबकि अपने राज्य में उगाने वाले इन सब्जियों को पर्याप्त बाजार नहीं मिल पा रहा, जिससे लोगों की पहुंच में ये सब्जियां नहीं है.

इसे भी पढ़ें : चार छात्रों को नंगा कर पीटा, वीडियो वायरल, सात गिरफ्तार

किसानों में आ रही जागरूकता

उन्होंने बताया कि इन सब्जियों को ऑर्गेनिक तरीके से उगाने के बारे में किसानों को जानकारी नहीं थी. विभिन्न स्तरों पर किसानों को जानकारी देने के बाद किसान इसके प्रति जागरूक हुए और अब एजेंसी से जुड़ कर ये किसान विभिन्न सब्जियों को उगा रहे है. विशेषकर बे-मौसमी सब्जियों को उगाना और इसके लिये किसानों को बाजार मुहैया करना एजेंसी का मुख्य कार्य है.

इसे भी पढ़ें : दिवाली में 10 बजे रात के बाद पटाखा जलाया तो एक लाख रुपये का लगेगा जुर्माना

वेज फेड आपके द्वार जल्द

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मार्केटिंग का दौर है. ऐसे में जल्द ही वेज फेड की ओर से वेज फेड आपके द्वार की शुरूआत करेगा. जिसके तहत किसानों के उगाये सब्जियों को लोगों के ऑर्डर पर सीधे उनके घर पहुंचा दिया जायेगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: