NationalTop StoryWest Bengal

प. बंगालः सरकारी स्कूल की परीक्षा में पूछा गया, जय श्रीराम के नारे से समाज पर क्या दुष्प्रभाव पड़ रहा है?

Kolkata: पश्चिम बंगाल में जय श्रीराम का नारा एक बार फिर सुर्खियों में है. वैसे तो ये नारा लोकसभा चुनाव में भी अहम रहा, जिसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी तूफान मचा रखा था. अब इससे संबंधित सवाल राज्य के सरकारी स्कूलों की परीक्षा में पूछे गये हैं.

इसे भी पढ़ेंःजम्मू-कश्मीरः जुमे की नमाज के लिए धारा 144 में दी जायेगी ढील

‘‘जय श्रीराम’ नारे के दुष्प्रभाव क्या है?’

दरअसल, राज्य के हुगली जिले के सरकारी स्कूलों में 10वीं की परीक्षा चल रही है. राजधानी कोलकाता से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित अकना यूनियन हाईस्कूल में 10 वीं के छात्रों को प्रश्न पत्र में दो 2 सवाल ऐसे थे, जो बच्चों के साथ-साथ हर किसी को हैरान करने वाले थे.

advt

एग्जाम में पहला सवाल था, ‘‘जय श्रीराम के नारे से समाज पर क्या दुष्प्रभाव पड़ रहा है?’’ जबकि दूसरे सवाल में पूछा गया, ‘‘कट मनी लौटाने से लोगों को क्या फायदा हो रहा है?’’

5 अगस्त को हुआ था एग्जाम

मिली जानकारी के मुताबिक, यह परीक्षा 5 अगस्त को हुई थी. इसमें छात्रों से दो में से एक टॉपिक पर ‘अखबार के लिए रिपोर्ट’ लिखने को कहा गया.

जिसमें पहला सवाल ‘जय श्रीराम के नारे का समाज पर दुष्प्रभाव’ और दूसरा सवाल ‘कट मनी के पैसे लौटाकर भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार का साहसिक कदम’ से संबंधित था.

इसे भी पढ़ेंःखूंटी-चाईबासा सीमा क्षेत्र पर सीआरपीएफ और नक्सली के बीच मुठभेड़, एक नक्सली ढेर

adv

निशाने पर बीजेपी

जानकारों की मानें तो परीक्षा में ऐसे सवाल पूछने का सीधा मतलब बीजेपी पर निशाना साधना है. चुनावी रैलियों में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए जय श्रीराम के नारे को लेकर, ये सवाल पूछे गये है.

गौरतलब है कि जय श्रीराम के नारे को लेकर सीएम ममता बनर्जी पर भड़कने का आरोप लगा था. मामले को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद सीएम ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी ‘जय हिंद’ और ‘जय बंगला’ के नारे से बीजेपी के नारे का विरोध करेगी.

कट मनी पर इमेज सुधारने का प्रयास

जबकि कट मनी पर पूछे गए सवाल को ममता सरकार की इमेज सुधारने की कोशिश माना जा रहा है. उल्लेखनीय है कि राज्य में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं पर कमीशन लेने का आरोप है.

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के दौरान यह मुद्दा उठाया तो ममता बनर्जी ने लोगों से लिया गया पैसा लौटाने का ऐलान किया था.

वही मामले पर स्कूल के हेडमास्टर रोहित पायने का कहना है कि इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन हम इस पर एक्शन जरूर लेंगे.

साथ ही दोनों सवालों को रद्द करने का फैसला किया गया है. अगर किसी स्टूडेंट ने इसका जवाब दिया है तो उसे पूरे नंबर दिए जाएंगे. खबर है कि एग्जाम पेपर तैयार करने वाले बंगाली टीचर ने माफी मांग ली है.

इसे भी पढ़ेंःबेरोजगारी बनी जानलेवा: टाटा मोटर से नौकरी छूटने पर इंजीनियर ने आत्मदाह कर लिया

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button