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राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग, 11 दिसंबर को आएंगे नतीजे

राजस्थान की 199 और तेलंगाना की 119 सीटों के लिए मतदान

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Jaipur/ Hydrabad: राजस्थान और तेलंगाना इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग जारी है. राजस्थान 15वीं विधानसभा के लिए मतदान शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू हो गया. राज्य की कुल 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान हो रहा है. वही तेलंगाना में विधानसभा की सभी 119 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी है.

राजस्थान में 199 सीटों पर वोटिंग

राजस्थान में कुल 4,74,37,761 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. इनमें 2,47,22,365 पुरुष व 2,27,15,396 महिला मतदाता हैं. इनमें से पहली बार मतदान कर रहे युवा मतदाताओं की संख्या 20,20,156 हैं.

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199 सीटों पर हो रहे मतदान को लेकर सुरक्षा चाक चौबंद है. राज्य की पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व गुजरात से लगती सीमाओं पर कड़ी नाकेबंदी है. मतदान निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से कराने का जिम्मा 1,44,941 जवानों पर है. जिनमें केंद्रीय सुरक्षा बलों की 640 कंपनियां शामिल हैं. राज्य में कुल 387 नाके और चेक पोस्ट बनाए गए हैं.

राजस्थान में अपने राजनीतिक भाग्य को आजमाने उतरे कुछ प्रमुख चेहरों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालरापाटन से, कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट टोंक से व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुरा से चुनाव मैदान में हैं. राज्य की रामगढ़ विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का निधन होने के कारण वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया.

तेलंगाना में 119 सीटों के लिए मतदान

तेलंगाना में सुबह सात बजे शुरू हुआ मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा. सिर्फ वामपंथी चरमपंथ से प्रभावित 13 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया शाम चार बजे खत्म हो जाएगी. तेलंगाना में 2.80 करोड़ से ज्यादा मतदाता पंजीकृत हैं. चुनाव के लिए 32,815 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. मतदान सुगम तरीके से संपन्न कराने के लिए 1.50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जितेन्द्र ने पीटीआई को बताया कि करीब एक लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. इनमें केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के 25,000 जवान और 20,000 अन्य राज्यों से आए पुलिसकर्मी शामिल हैं.

तेलंगाना में त्रिकोणीय मुकाबला

प्रदेश विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ टीआरएस, कांग्रेस नीत गठबंधन और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है. तेलंगाना में पहली बार मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) का उपयोग किया जा रहा है. राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रजत कुमार ने गुरुवार को बताया था कि चुनाव में किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए करीब 446 उड़नदस्ते मुस्तैद रहेंगे. वहीं, 448 निगरानी टीम हालात पर नजर रखेंगी. साथ ही, 224 वीडियो निगरानी टीम भी बनाई गई हैं.

सत्तारूढ़ टीआरएस को कड़ी चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने तेदेपा, तेलंगाना जन समिति और भाकपा के साथ गठबंधन किया है. टीआरएस और भाजपा ने यह चुनाव अपने-अपने दम पर लड़ रही है. राव अपनी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक थे जबकि कांग्रेस और भाजपा ने अपने – अपने कद्दावर नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए उतारा.
तेलंगाना विधानसभा चुनाव अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ होना था, लेकिन राज्य कैबिनेट की सिफारिश के मुताबिक छह सितंबर को विधानसभा भंग कर दी गई थी. मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने समय से पहले चुनाव कराने का विकल्प चुनकर एक बड़ा दांव चला था.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान, तेलंगाना समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे एकसाथ 11 दिसंबर को आएंगे.

 

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