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इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा, आसमान में 4,000 मीटर ऊंचाई तक राख ही राख…

सरकार ने लोगों से आंखों और त्वचा को राख के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए मास्क का उपयोग करने को कहा

Jakarta : पूर्वी इंडोनेशिया में रविवार को एक ज्वालामुखी फट गया जिसकी राख आसमान में 4,000 मीटर ऊंचाई तक उठी और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. डिजास्टर मिटिगेशन एजेंसी के प्रवक्ता रादित्य जैती ने बताया कि ज्वालामुखी ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत में फटा.

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28 गांवों से 2,800 लोग सुरक्षित स्थान पर ले जाये गये

माउंट इली लेवोटोलोक नाम के ज्वालामुखी के आसपास स्थित कम से कम 28 गांवों से करीब 2,800 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है.परिवहन मंत्रालय ने बताया कि ज्वालामुखी के फटने के बाद स्थानीय हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया, क्योंकि राख आसमान में छितरी हुई है.

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इंडोनेशिया के 17,000 द्वीपों में 400 ज्वालामुखी हैं

जान लें कि इंडोनेशिया के 17,000 द्वीपों में 400 ज्वालामुखी हैं. 129 सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जिनमें से कुछ 65 को खतरनाक के रूप में वर्गीकृत किया गया है, द्वीपसमूह राष्ट्र तथाकथितरिंग ऑफ फायर पर स्थित है. देश के ज्वालामुखी और भूगर्भीय खतरा न्यूनीकरण केंद्र के अधिकारियों ने क्षेत्र में सतर्कता के स्तर को तीन से चार तक बढ़ा दिया है. यह दूसरा उच्चतम स्तर है.

साथ ही सरकार ने लोगों से आंखों और त्वचा को राख के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए मास्क का उपयोग करने को कहा है. सरकार ने निवासियों को ज्वालामुखी के गड्ढे से चार किलोमीटर दूर रहने की चेतावनी दी है, क्योंकि क्षेत्र गर्म बादलों, लावा धारा, लावा हिमस्खलन, और जहरीली गैस के साथ बाढ़ की संभावना है.

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