JharkhandRanchi

आदिवासी मूलवासी संघर्ष मोर्चा की बैठक में उठी आवाज- रघुवर सरकार जमीन, पट्टा, खनिज, नौकरी पर कर रही कब्जा, एकता जरूरी

विज्ञापन

Ranchi : आदिवासी मूलवासी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने शनिवार को केंद्रीय पुस्तकालय में बैठक की. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में राज्य की स्थिति दयनीय हो गयी है. विकास का पैमाना लोगों को उजाड़कर तय किया जा रहा है, जिसके खिलाफ लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा. लोगों ने कहा कि इन चार सालों में सिर्फ मूलवासियों की जमीन लूटी गयी है. स्थानीयों के खनिज संपदा, जमीन पट्टा, जायदाद हथियाने के लिए लगातार साजिश की जा रही है और आगे भी कब्जा करने की कोशिश की जायेगी. ऐसे में सोचनेवाली बात है कि मूलवासी पहले से पलायन का दंश झेल रहे हैं, आनेवाले समय में भी अगर ऐसी साजिशों को नहीं रोका गया, तो पलायन और भी अधिक होंगे. मूलवासियों के पुनर्वास के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है. बैठक में प्लस टू शिक्षक नियुक्ति में 75 प्रतिशत बाहररी अभ्यर्थियों की नियुक्ति और पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज का पुरजोर विरोध किया गया.

सरकार से की गयी मांग

इस दौरान सर्वसम्मति से सरकार से मांग करते हुए लोगों ने कहा कि पारा शिक्षकों का मुकदमा अविलंब वापस लिया जाना चाहिए, प्लस टू शिक्षक नियुक्ति में बाहरी अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द की जाये, वर्तमान स्थानीय नीति को रद्द करते हुए नयी स्थानीय नीति परिभाषित की जाये. 11 दिसंबर को मोर्चा की बैठक केंद्रीय पुस्तकालय में की जायेगी.

ये संगठन हुए शामिल

आदिवासी जन परिषद, आरक्षण अधिकार मोर्चा, आदिवासी केंद्रीय परिषद शामिल हुए. इसमें मुख्य रूप से डॉ करमा उरांव, अजय चौधरी, अजय तिर्की, प्रेम शाही मुंडा, निरंजना हेरेंज, अजय टोप्पो, भोला प्रसाद, दिनेश उरांव, विशाल कुमार, दीपक लोहरा समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें- मेनन एक्का ने रांची में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर खरीदी जमीन, तत्कालीन एलआरडीसी की भी रही थी मिलीभगत

इसे भी पढ़ें- राज्य में 18 लोगों की भूख से मौत मामले में मंत्री सरयू राय पर हत्या का मुकदमा दायर हो : AAP

Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close