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विशुनपुर विधानसभाः दो वर्षो में 159 परिवारों में से 71% लोगों को नहीं मिला मनरेगा में काम

Ranchi : डेहान ग्रुप सर्वे की ओर से 16 से 19 अगस्त तक बिशुनपुरा प्रखंड की तीन पंचायत पतिहारी केदर, पतिहारी गांव और पिपरीकला के सारो गांव में सर्वे किया गया. यह सर्वे 105 मुस्लिम परिवारों एवं बिशुनपुरा पंचायत के पतागड़ा कला और बिशुनपुरा गांव में 54 दलित परिवारों को जन वितरण प्रणाली के राशन एवं मनरेगा में काम की उपलब्धता को केंद्र में रखकर किया गया.

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इस सर्वे से पता चलता है कि 10 प्रतिशत लोगों का अब तक राशन कार्ड नहीं बन पाया है. राशन कार्ड बनाने के लिए बिचौलियों और राशन दुकानदार 1000 से 4000 रूपये तक की घूसखोरी करते हैं. 128 (89%) राशनकार्ड धारकों से जवीप्र दुकानदार के द्वारा एक से चार किलोग्राम तक कटौती हो रही है.

साथ ही जविप्र दुकानदार के द्वारा एक वर्ष में कम से कम एक महीने से तीन महीने तक की राशन चोरी होती है. 42 (29%) कार्डधारियों ने कहा कि उन्हें राशन का भुगतान करने पर रशीद नहीं दी जाती.

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जन वितरण प्रणाली राशन में धांधली आयी सामने

यह सर्वें पांच जन वितरण प्रणाली राशन दूकानदार के अंतर्गत आने वाले कार्डधारियों के बीच हुआ. बिशुनपुरा के मनोज रवि और नवल किशोर गुप्ता, पतिहारी और पिपरीकला के चमेली स्वयं सहायता समूह, तारा महिला समूह एवं आफताब आलम जविप्र राशन दुकानदार हैं जो गड़बड़ी कर रहे हैं.

अधिकतर कार्डधारियों के परिवार के सदस्यों का नाम राशन कार्ड से नाम जुड़ पाना परेशानी का सबब है. कई बार राशन कार्ड में नाम जोड़ने की कोशिश की गयी, पर ज्यादातर लोगों की यह समस्या बनी हुई है.

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इतने लोगों को मनरेगा में नहीं मिला काम

159 परिवारों के सर्वे में 69 प्रतिशत परिवारों और पिछले दो वर्षो में 71 प्रतिशत के किसी भी सदस्य को मनरेगा के तहत काम नही मिला. वर्ष 2017 में बिशुनपुरा प्रखंड में मनरेगा में 28 लाख की फर्जी निकासी हुई थी. मनरेगा आयुक्त की कार्रवाई के बावजूद वर्तमान समय में मजदूरो को काम न मिलना, मशीन से काम और ठेकेदारों की भागीदारी बढ़ रही है.

भाजपा सरकार और वर्तमान विधायक विधायक भानु प्रताप शाही के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा सम्बंधित योजनाओं में योग्य परिवार लाभ से वंचित हुए. बिचौलियागिरी, घूसखोरी और भ्रष्टाचार बढ़ गया है. इन राशन दुकानदारों को राजनितिक संरक्षण के कारण राशन चोरी और कटौती आम बात है.

सरकार से डेहान ग्रुप ने की मांग

  • जन वितरण प्रणाली में हो रहीं गड़बड़ियां- राशन कटौती, राशन चोरी, राशन भुगतान का बिल न देने जैसी शिकायतों में शामिल जन वितरण प्रणाली के राशन दुकानदार एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर कार्रवाई हो.
  • कार्डधारियों को पूरा राशन, सरकारी मूल्य पर भुगतान, मापतौल की मशीन से राशन वितरण एवं राशन भुगतान की पर्ची देने की व्यवस्था सुनिश्चित हो.
  • अभी तक 2011 की जनगणना के अनुसार राशन आवंटन का कवरेज है. जिसे बढ़ाकर वर्तमान समय की जनसंख्या के आधार पर राशन का आवंटन हो.
  • प्रत्येक गांव में कैंप लगाकर सभी योग्य परिवारों या व्यक्तियों का राशन कार्ड और पेंशन मिलना निश्चित किया जाये.

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