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#CitizenshipAmendmentBill के खिलाफ नॉर्थ ईस्ट में जबरदस्त हिंसक प्रदर्शन, त्रिपुरा में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद

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New Delhi/Agartala: नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा से पास होते ही नॉर्थ ईस्ट समेत देश के कई हिस्सों में इसका विरोध शुरू हो गया. मंगलवार को गुवाहाटी में 12 घंटे का बंद बुलाया गया था. इस दौरान कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं हुईं. प्रदर्शनकारी जगह-जगह सड़क पर उतरे. कई इलाकों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा. इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने इंटरनेट और एसएमएस सेवा को अगले 48 घंटों के लिए बंद कर दिया है.

पुलिस को पता चला था कि मनु कंचनपुर क्षेत्र में आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच जातीय संघर्ष के बारे में अफवाह फैलाई जा रही है. एहतियातन अफवाह को रोकने के लिए सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को निलंबित कर दिया है.

Mayfair 2-1-2020

एनईएसओ द्वारा आहूत बंद में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को त्रिपुरा के धलाई जिले के एक बाजार में आग लगा दी. हालांकि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ. पुलिस के अनुसार मनुघाट बाजार में लगी आग बुझा दी गयी है.

अधिकारी ने बताया कि बाजार में सुरक्षाबल तैनात किये गये हैं, लेकिन इस घटना से गैर-आदिवासी लोगों के मन में भय है, जो ज्यादातर दुकानों के मालिक हैं.  उन्होंने बताया कि बंद को त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों में भारी समर्थन मिला है. तमाम छात्र संगठन इस बिल के विरोध में उतर आये हैं.

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Vision House 17/01/2020

प्रदर्शन करने उतरे छात्रों ने पारंपरिक ढोल बजा कर बिल का विरोध किया. बता दें कि असम के 90 प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्रों पर यह बिल लागू होगा. प्रदशर्नकारियों ने कई सड़कों पर टायर जला कर रास्ता बंद कर दिया था. कई रास्तों पर पेड़ काट कर गिरा दिये गये थे, जिससे आवागामन बाधित हो गया.

इसके अलावा गुवाहाटी में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पुतले फूंके. स्थानीय लोग बिल को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

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संसद के सामने लेफ्ट का विरोध

इस बिल के विरोध में कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियों ने भी आवाज उठायी है. मंगलवार को लेफ्ट पार्टियों के सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास खड़े होकर विरोध जताया. इन लोगों ने हाथ में कुछ पेपर्स लिये थे, जिन पर लिखा था- धर्म के आधार पर भेदभाव बंद करो.

पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ गुजरात में भी इस बिल का विरोध हुआ.  बिल को असंवैधानिक बताते हुए लोगों ने इसके खिलाफ नारेबाजी की और पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे.

दिल्ली में भी प्रदर्शन

सिर्फ असम में ही नहीं नागरिकता संशोधन विधेयक का दिल्ली में भी विरोध हुआ. दिल्ली में रहनेवाले पूर्वोत्तर के लोगों ने यहां भी प्रदर्शन किया. इन लोगों ने सड़कों पर उतर कर बिल को वापस लेने की मांग की. ये लोग अपने हाथों में पोस्टर-बैनर लिये हुए थे. जिन पर लिखा था- यह बिल असम और नॉर्थ ईस्ट को लंबे समय के लिए युद्ध क्षेत्र बनाने की कोशिश है.

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Ranchi Police 11/1/2020

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