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भीड़तंत्र का हिंसक चेहरा, अपराधी और उग्रवादी भी हो रहे शिकार

Saurav Singh

Ranchi: भीड़ का ना कोई चेहरा होता है, ना ही कोई धर्म. ये भीड़ जब बेकाबू होती है, तो कानून तोड़ने से भी गुरेज नहीं करती. हिंसा पर उतारू भीड़ का निशाना अपराधी और उग्रवादी भी बन रहे हैं. झारखंड में कई अपराधी और उग्रवादी इस भीड़ का शिकार हो चुके हैं. हाल के वर्षों में इस तरह के कई मामले सामने आए है.

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कई अपराधी और उग्रवादी भीड़ हिंसा का हुए शिकार

Sanjeevani

कई बार अपराधियों और उग्रवादियों की हरकत से आक्रोशित होकर भीड़ हत्या करने पर उतारू हो रही है. पिछले एक वर्ष की बात की जाये तो इस तरह के कई मामले सामने आये, जिनमें अपराधियों और उग्रवादियों को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मार डाला है.

बीते 14 सितंबर गुमला में पीएलएफआइ उग्रवादी संदीप तिर्की की पीट कर इसलिए हत्या कर दी गई की वो पीएलएफआइ उग्रवादी बसंत गोप का करीबी था और ग्रामीणों को पीटना, धमकाना उसके लिए आम बात थी. लोग उससे तंग आ गए थे, आखिरकार उन्होंने एकजुट होकर इस उग्रवादी को मार डाला.

साल 2018 में रांची के लापुंग में डेविड भगत नाम के अपराधी की ग्रामीणों ने इसलिए पीट कर हत्या कर दी गयी थी, क्योंकि डेविड भगत खलिहानी पूजा के दौरान एक लड़की से छेड़छाड़ करने लगा था. इस तरह के कई ऐसे मामले हैं जिनमें अपराधियों और और उग्रवादियों से परेशान होकर भीड़ हिंसक हो गयी.

हालांकि, कानून को हाथ में लेने का हक किसी को नहीं है. और भीड़ का हिंसक चेहरा लोकतंत्र का हिस्सा नहीं हो सकता है.

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भीड़ के हाथों हुई अपराधियों और उग्रवादियों की हत्या

 14 सितंबर 2020: झारखंड के गुमला में जिला मुख्यालय से करीब सात किमी दूर टैंसेरा मोड़ के पास पारंपरिक हरवे-हथियार से लैस गोलबंद ग्रामीणों ने कुख्यात अपराधी और पीएलएफआइ के हार्डकोर उग्रवादी रहे संदीप तिर्की  का सेंदरा कर दिया.

6 मई 2020: गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र के वृंदा गांव में ग्रामीणों के हमले में पीएलएफआइ का एरिया कमांडर बसंत गोप मारा गया. बता दें कि उग्रवादी बसंत गोप अपने अन्य सहयोगियों के साथ किसी घटना को अंजाम देने के लिए वृंदा गांव आया था. इसी दौरान ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी से काटकर बसंत गोप की हत्या कर दी.

 27 मार्च 2020: दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के केंदुआ गांव में चोरी के आरोप में युवक को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मार डाला था. मृतक की पहचान प्रमोद हाजरा (35) के रूप में हुई थी. आरोप है कि वह गुरुवार देर रात अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ सरैयाहाट के केंदुआ गांव में विराम मंडल के घर चोरी करने घुसा था.

 1 अगस्त 2019: दुमका के जरमुंडी थाना क्षेत्र के भोराबाद पंचायत अंतर्गत चिहुंटिया गांव में रात चोरी करने पहुंचे मोस्ट वांटेड अपराधी भोला हाजरा की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी.

 20 दिसंबर 2018: राजधानी रांची के बेड़ो, इटकी और लापुंग इलाके में आतंक का पर्याय रहे कुख्यात अपराधी अरविंद केरकेट्टा उर्फ डेविड भगत का ग्रामीणों ने सेंदरा कर दिया.

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