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असम में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसक झड़प, फायरिंग में दो की मौत, कई घायल

Assam : दरांग जिले में गुरुवार को कब्जा हटाने गई पुलिस की अतिक्रमणकारियों से झड़प हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिपाहझार में हुई इस झड़प में 2 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए हैं.

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इस घटना का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें छाती पर गोली के घाव के निशान वाले एक व्यक्ति को कैमरा लिए व्यक्ति पीटता हुआ दिखाई दे रहा है. राज्य सरकार ने इस घटना को लेकर जनता के बढ़ते गुस्से के मद्देनजर घटना की परिस्थितियों की न्यायिक जांच की घोषणा की है.

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गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देबप्रसाद मिश्रा की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि सरकार ने फैसला किया है कि इस घटना की जांच गुवाहाटी उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी.  इस घटना की चौतरफा निंदा की जा रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुलिस की कार्रवाई को राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित गोलीबारी करार दिया.

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लगभग 800 परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर जनता का विरोध शुरू हो गया था, इन लोगों का दावा है कि जिस जमीन पर वे दशकों से रह रहे थे उससे उन्हें बेदखल कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस जमीन का उपयोग कृषि परियोजना के लिए किया जाएगा. वहीं स्थानीय मीडिया का कहना है कि, गांव की 120 बीघा जमीन को खाली कराया गया था, जो कथित तौर पर प्राचीन शिव मंदिर से जुड़ी थी. इस गांव में ज्यादातर पूर्वी बंगाल मूल के मुसलमान रहते हैं.

 

असम सरकार अवैध जमीन पर कब्जा हटाने को लेकर नई सरकार बनने के बाद यानी जून से ही अभियान छेड़े हुए है. 20 सितंबर को इसी के तहत दरांग जिले के सिपाझार में प्रशासन ने लगभग 4,500 बीघा जमीन से कब्जा हटाने का दावा किया है. यहां 800 परिवारों ने अवैध कब्जा जमा रखा था. खुद राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

गुरुवार को प्रशासन ने एक बार फिर से करीब 200 परिवार के खिलाफ इस अभियान को शुरू किया. अतिक्रमणकारियों ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और लाठी-डंडे से लैस होकर पुलिस पर हमला कर दिया. इसके बाद ही फायरिंग की घटना हुई.

इस पूरे मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया है. उन्होंने हिंसा के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को दोषी बताया है. उन्होंने घटना को पूरी तरह प्रायोजित बताया है. राहुल ने लिखा, ‘असम राज्य प्रायोजित आग में जल रहा है. मैं असम में अपने भाई-बहनों के साथ खड़ा हूं.’

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