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पैरिस में महंगाई व पेट्रोल के दाम बढ़ाने को लेकर आगजनी, हिंसा, आपातकाल लगाने की तैयारी

पैरिस में महंगाई बढ़ने और पेट्रोल के दाम बढ़ने के खिलाफ पिछले दो सप्ताह से प्रदर्शन चल रहा है.     प्रदर्शन शनिवार को ज़्यादा उग्र हो गया. प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने वाहनों और बिल्डिंगों में आग लगानी शुरू कर दी.

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Paris : पैरिस में महंगाई बढ़ने और पेट्रोल के दाम बढ़ने के खिलाफ पिछले दो सप्ताह से प्रदर्शन चल रहा है.     प्रदर्शन शनिवार को ज़्यादा उग्र हो गया. प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने वाहनों और बिल्डिंगों में आग लगानी शुरू कर दी.  बता दें कि मैनुएल मैक्रों सरकार द्वारा टैक्स बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने अब उग्र रूप ले लिया है. प्रदर्शनकारियों ने पूरे पेरिस शहर में कोहराम मचा रखा है. चारों तरफ आगजनी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. प्रदर्शनकारी चेहरे पर मास्क लगाकर और लोहे का रॉड लेकर संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. शनिवार को करीब दर्जन भर गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था. प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ की घटना से अब तक 133 लोग घायल हो चुके हैं. येलो वेस्ट नाम के प्रदर्शन में शामिल लोग पीले रंग की वेस्ट पहनकर प्रदर्शन कर रहे हैं. बता दें कि  फ्रांस इन दिनों दशक की सर्वाधिक खतरनाक अशांति से जूझ रहा है. स्थिति इतनी बिगड गयी है कि शनिवार को कुछ युवाओं ने सेंट्रल पैरिस में वाहनों और बिल्डिंगों में आग ल्गा दी. खबरों के अनुसार सरकार देश में आपातकाल लगाने पर विचार कर रही है.

इस बात की पुष्टि फ्रांस सरकार के प्रवक्ता बेंजमिन ग्रीवोक्स ने कि है. यूरोप 1 रेडियो से बातचीत में सरकार के प्रवक्ता ने कहा, हमें कुछ ऐसी कार्रवाई करनी होगी, ताकि ऐसी हरकत फिर न हों. बता दें कि फ्रांस की पुलिस की ओर से शेयर किये जा रहे वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस के वाहनों को निशान बनाते और उनके शीशे तोड़ते देखा जा सकता है.  दूसरे वीडियो में जलती हुई कारें और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागते देखे जा सकते हैं. जानकारी के अनुसार पैरिस में प्रदर्शन कर रहे 288 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

सरकार के पास आपातकाल लागू करने का विकल्प

पुलिस प्रवक्ता ने सीएनएन को जो जानकारी दी, उसके अनुसार शनिवार को पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों और हाइड्रोकार्बन टैक्स बढ़ाने के विरोध में बड़ी संख्या के लोग सड़कों पर उतरे. उसके  बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गयी.  इसे लेकर राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री और आंतरिक मामलों के मंत्री के साथ रविवार शाम को मीटिंग की. इस मीटिंग में दंगाइयों से निपटने और प्रदर्शन करने वालों से बातचीत का रास्ता निकालने पर चर्चा की गयी. परेशानी इस बात की है कि इन प्रदर्शनकारियों का कोई चेहरा नहीं है, जिससे सरकार बात कर सके.  जब आपातकाल लागू करने को लेकर सरकार के प्रवक्ता से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार के पास यह भी एक विकल्प है. फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार शनिवार को हुआ प्रदर्शन तीसरे सप्ताह लगातार हुआ इस तरह का प्रदर्शन है.  बताया गया कि इसमें36,500 लोगों ने हिस्सा लिया.  पिछले सप्ताह हुए एक और प्रदर्शन में 53,000 लोगों ने हिस्सा लिया था जबकि उसके एक सप्ताह पहले हुए प्रदर्शन में लगभग 113,000 लोग शामिल हुए थे.

 

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