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विनीता बंदोपाध्याय की चतुर्थ एकल चित्रकला प्रदर्शनी का कोलकाता में आयोजन

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Bermo : बोकारो थर्मल की प्रसिद्ध चित्रकार विनीता बंदोपाध्याय की चतुर्थ एकल चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन कोलकाता के उत्तरी कलादीर्घा स्थित अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स में किया गया. प्रदर्शनी का शीर्षक ‘टाइम लाइन’ था. प्रदर्शनी का दीप जलाकर उद्घाटन विनीता के प्रथम ग्राफिक्स गुरु शांतनु भट्टाचार्य तथा प्रख्यात कला आलोचक एवं पत्रकार देवव्रत चक्रवर्ती ने किया. प्रदर्शनी में वर्ष 1992 से 2018 तक विनीता द्वारा बनाये गये ग्राफिक्स तथा पेंटिंग के कुल 62 शिल्पकृतियां प्रदर्शित की गयी थीं. 1919 में गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्वभारती शांति निकेतन के ललित कला संभाग कला भवन से स्नातकोत्तर विनीता बंदोपाध्याय की गिनती आज देश के प्रमुख चित्रकारों में की जाती है.

विनीता बंदोपाध्याय की चतुर्थ एकल चित्रकला प्रदर्शनी का कोलकाता में आयोजन

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प्रदर्शनी में ये कृतियां थीं शामिल

प्रदर्शित चित्र कृतियों में ऐक्रेलिक तथा वाटर कलर, मिश्र माध्यम, कोलाज चित्रकला सह ग्राफिक्स में लिथोग्राफ, कोलाग्राफ जयलोग्राफी, सेरिग्राफी तथा मिश्रमध्यम की संरचनाएं शामिल थीं. विनीता के प्रथम ग्राफिक्स गुरु शांतनु भट्टाचार्य, प्रख्यात कला आलोचक तथा पत्रकार देवव्रत चक्रवर्ती, शमिता नाग, भास्कर तारक गोराई, चंचल कृष्ण दे, ग्राफिक्स चित्रकार सिद्धार्थ घोष, सुधांशु बंदोपाध्याय, बादल पाल तथा चित्रकार सह पत्रकार सुमित गुहा मुख्य रूप से उपस्थित थे. इस संदर्भ में प्रसिद्ध कलाविद् प्रशांत दा द्वारा विनीता की चित्रकला विषय पर बांग्ला भाषा में लिखित ‘शाश्वत मूल्यबोधेर चित्रकल्प’ शीर्षक रचना का अंग्रेजी अनुवाद मुकुल बंदोपाध्याय द्वारा प्रकाशित किया गया तथा कलारूप कल्पना अनुब्रत बंदोपाध्याय ने की.

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