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बरमसिया श्मसान भूमि के बजाय सिहोडीह श्मसान में दाह-संस्कार के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने किया विरोध

Giridih : कोरोना संक्रमितों के शवों के दाह-संस्कार का गिरिडीह के शहरी इलाके से सटे सिहोडीह श्मसान घाट में विरोध हुआ.
ग्रामीणों का समर्थन करने भाकपा माले के नेता राजेश यादव, राजेश सिन्हा के साथ इलाके के वार्ड पार्षद अशोक राम भी जुटे.

ग्रामीणों के साथ विरोध में शामिल पार्षद समेत माले नेताओं ने कहा कि सिहोडीह श्मसान घाट काफी छोटा है. अब कोरोना संक्रमितों के शव का अंतिम संस्कार सिहोडीह श्मसान भूमि में नहीं होने दिया जाएगा.

मांग किया कि हर हाल में इस निर्णय को बदला जाये. कोरोना संक्रमितों का शव पहले से शहर के बरमसिया स्थित श्मसान भूमि में किया जा रहा है. फिर किस हालात में सिहोडीह में शव के अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया.

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बताते चले कि पिछले डेढ़ माह से बरमसिया श्मसान भूमि में कोरोना संक्रमितों के शव का अंतिम संस्कार में नवल और मिथुन चन्द्रवंशी के द्वारा किया जा रहा था. दोनों के इस कार्य की तारीफ डीसी राहुल सिन्हा ने की थी.

मामले को लेकर फेसबुक में एक पोस्ट के बाद कई कमेंट्स भी किए गए. और फेसबुक में ही संक्रमित के शव का अंतिम संस्कार सिहोडीह श्मसान में किए जाने के बात के बाद पर ग्रामीणों ने विरोध किया. इधर विरोध करने वालों में रोहित शर्मा, संदीप शर्मा, जीतू यादव, प्रमोद स्वर्णकार, टेकलाल यादव, लखन, मंटु यादव समेत कई शामिल थे.

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