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ग्रामीणों ने राशन नहीं मिलने और पीडीएस में आधार की अनिवार्यता का किया विरोध, कहा- बेहतर थी राशन वितरण की पुरानी व्यवस्था

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Chaibasa : खुंटपानी प्रखंड (पश्चिमी सिंहभूम) के कई गावों के सैकड़ों आदिवासियों ने जनवितरण प्रणाली में आधार की अनिवार्यता, कई महीनों तक राशन नहीं मिलने व अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध प्रखंड कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनेक गावों में कई महीनों से राशन का वितरण नहीं किया गया है. उलिराजाबासा गांव में सितंबर-दिसंबर 2018 एवं फरवरी 2019 में राशन वितरण नहीं किया गया है. 2017 में भी एक महीने और 2016 में तीन महीनों का राशन नहीं दिया गया था. अंकोलकुटी गांव में अगस्त-सितंबर व नवंबर-दिसंबर 2018 का राशन वितरण नहीं किया गया है.

बेहतर थी पुरानी व्यवस्था

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जनवितरण प्रणाली में आधार की अनिवार्यता एवं आधार-आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण व्यवस्था के कारण कार्डधारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि राशन दुकान गांव में हैं, लेकिन गांव में नेटवर्क न होने के कारण उलिराजाबासा के लोगों को बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के लिए तीन किमी दूर पंद्रसाली जाना पड़ता है. मीना बोदरा ने बताया कि इससे न केवल आने-जाने का भाड़ा खर्च होता है, बल्कि दिन भर का समय भी बर्बाद होता है. कभी-कभी तो दो-तीन दिन भी जाना पड़ता है. कई लोग मशीन में उंगलियों के निशान के काम नहीं करने के कारण अपने राशन से वंचित हो जाते हैं. इसी कारण इस गांव के कांदे पूर्ति को जनवरी 2019 में राशन नहीं मिला था. सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि राशन वितरण की पुरानी व्यवस्था (रजिस्टर के माध्यम से) बेहतर थी.

कई जरूरतमंद परिवारों के पास नहीं है राशन कार्ड

एक तरफ अभी भी कई जरूरतमंद परिवारों को राशन कार्ड नहीं मिला है और दूसरी ओर अनेक परिवारों का कार्ड रद्द कर दिया गया है. पासेया गांव की असाई बोदरा, जो शारीरिक रूप से विकलांग हैं, ने कहा कि उन्हें फरवरी में राशन नहीं मिला, क्योंकि उनकी जानकारी के बिना उनका कार्ड रद्द कर दिया गया है. बनाबिंज के नागुरी हेम्ब्रोम ने कहा कि उनको एवं अन्य कई परिवारों को जुलाई 2017 से राशन नहीं मिल रहा है, क्योंकि कार्ड रद्द कर दिया गया है.

इस विषय में कई बार शिकायतों के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है. सभी ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम से संलग्न मांग पत्र अपनी मांगों के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया. उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई करने का मौखिक आश्वासन दिया. वो मांगें इस प्रकार हैं-

1) अभी तक का बकाया राशन तुरंत वितरित किया जाये एवं आगे से प्रत्येक महीने ससमय राशन वितरण सुनिश्चित किया जाये.

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2) जनवितरण प्रणाली से आधार-आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण व्यवस्था (पॉस मशीन) हटाया जाये एवं आधार की अनिवार्यता समाप्त की जाये. राशन वितरण की पुरानी व्यवस्था (रजिस्टर के माध्यम से) बेहतर थी एवं उसे पुनः लागू किया जाये.

3) गांव के राशन डीलर का लाइसेंस रद्द किया जाये और सक्षम महिला समिति को राशन वितरण की जिम्मेदारी दी जाये.

4) जिन परिवारों का राशनकार्ड रद्द किया गया है, उन्हें तुरंत जनवितरण प्रणाली में वापस जोड़ा जाये.

5) उपरोक्त समस्याओं के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों पर उचित कार्यवाई की जाये.

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