न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रांची से सटे गांवों में गठित नहीं है ग्रामस्तरीय बाल संरक्षण कमिटी

जबकि आयोग का कहना है कि राज्य के 80 प्रतिशत गांवों में वीएलसीपीसी का गठन किया जा चुका है.

240

Chhaya

Ranchi : सूबे में योजनाओं के दम तोड़ने की बात आम है. जितनी तत्परता से कार्यक्रम आयोजित कर यहां योजनाओं को बनाया जाता है. उतनी ही तत्परता से अगर इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू किया जाता तो राज्य की स्थिति कुछ और ही होती. इसी वर्ष झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग की ओर से बाल मुद्दों के त्वरित निवारण के लिये ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण कमिटी (वीएलसीपीसी) की शुरूआत की गयी. जिसके तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में कमिटी का गठन किया जाना था. ताकि बाल अधिकार और संरक्षण से संबधित मुद्दे पर ग्रामीणों को जागरूक किया जा सके. साल खत्म होने को है और राजधानी से सटे गांवों में अब तक वीएलसीपीसी गठित नहीं हो पायी है. जबकि आयोग का कहना है कि राज्य के 80 प्रतिशत गांवों में वीएलसीपीसी का गठन किया जा चुका है.

इसे भी पढ़ें : पलामू : जेएफएमसी की बैठक में नहीं आये वन विभाग के अधिकारी, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

राजधानी के आस पास के गांवों में नहीं कमिटी

राजधानी के आस पास के अधिकांश गांवों में वीएलसीपीसी का गठन नहीं हुआ है. इस बारे में जब ग्राम प्रतिनिधियों से बात की गयी तो अधिकांश लोगों को इसके बारे में जानकारी तक नहीं थी. रांची से सटे पतरागोंदा, सुंडली, नवासोसो, चटकपूर, चटगांव आदि गांव की मुखिया, आंगनबाड़ी सेविकाओं, वार्ड सदस्यों ने जानकारी दी कि गांव में वीएलसीपीसी का गठन नहीं हुआ है. इन्होंने बताया कि इन गांवों में बाल अधिकारों से संबधित किसी तरह का जागरूकता कार्यक्रम नहीं चलाया जाता है.

इसे भी पढ़ें : 29 को राजभवन के समक्ष धरना देंगे बिहार और झारखंड के ग्रामीण चिकित्सक

Mayfair 2-1-2020

तस्करी और ड्राप आउट है मुख्य मुद्दे

आयोग की ओर से वीएलसीपीसी के गठन का मुख्य उद्देश्य बाल तस्करी और ड्राप आउट की समस्या से जुझना है. अधिकांश तस्करी के मामलों में देखा जाता है कि स्कूल ड्राप आउट बच्चे ही तस्करी के शिकार होते है, जिन्हें तस्करों द्वारा अन्य राज्यों में भेज दिया जाता है. वहीं बाल मजदूरी, बच्चों का मानसिक और शारीरिक शोषण आदि रोकने के लिये भी वीएलसीपीसी का गठन किया जाना था.

इसे भी पढ़ें : ट्रक चालक सरदार जोगा सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पत्थलगड़ी समर्थक पौलुस टूटी की भी हुई…

Sport House

तस्करी के आंकड़े और मैपिंग में होगी सहायता

वीएलसीपीसी के गठन से ग्राम स्तर पर तस्करी में रोक लगाने में सहायता मिलेगी. गांवों में वीएलसीपीसी के तहत एकल परिवार, बच्चियों की संख्या वाले परिवार या ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति खराब हो उनके आंकड़े रखने में सहायता मिलेगी. जिसे तस्करी और बाल मजदूरी जैसे मामलों पर उचित कारवाई हो सके. साथ ही इनके आंकड़े भी उपलब्ध हो.

इसे भी पढ़ें : बकोरिया कांड पर बोले मंत्री सरयू रायः सीबीआई जांच से सामने आयेगा सच

महिलाओं की बढ़ेगी भूमिका

वीएलसीपीसी के गठन से ग्राम स्तर पर तस्करी, बाल मजदूरी रोकने, ड्राप आउट बच्चों की समस्या आदि से निबटने के लिये ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी संचालिकाओं, महिला समितियों, एनजीओ समेत अन्य संस्थाओं की भूमिका बढ़ेगी. ग्रामीणों और बच्चों को इसके माध्यम से जागरूक किया जायेगा. जिससे लोग बाल अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें.

SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like