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Jamshedpur : बर्मामाइंस में ममेरी बहन से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विक्रम दोषी करार, सजा पर फैसला 31 को

Jamshedpur : बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित दास बस्ती में ममेरी बहन के साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी विक्रम दास को दोषी करार दिया है. इस मामले एडीजे पांच संजय कुमार उपाध्याय की अदालत में सोमवार को फैसला सुनायी. दोषी की सजा की बिंदु पर फैसला के लिए 31 मार्च की तारीख मुकर्रर की गई है.
पड़ोस के खाली क्वार्टर में हुई थी वारदात
इस वारदात को 4 अप्रैल 2018 को विक्रम ने पड़ोस के ही खाली क्वार्टर में अंजाम दिया था. दरअसल, वह क्वार्टर करीब दो महीने खाली पडी थी. पुलिस की जांच में पता चला था कि विक्रम अपनी ममेरी बहन नैना को वहां ले जाकर छेड़खानी किया करता था. घटना के दिन भी वह उसे क्वार्टर में ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा. तभी शोर मचाने पर उसने चाकू से नैना पर कई वार किये, जिससे उसकी मौत हो गई. उसके बाद आरोपी ने शव को पास से झाड़ी में छुपा दिया और घटनास्थल से फरार हो गया था.
किसी को शक न हो, इसके लिए खेला था शातिराना खेल
किसी को शक न हो, इसे लेकर कांड के बाद आरोपी विक्रम दास ने कई शातिराना खेल भी खेला था. पहले तो नैना के परिवारवालों के साथ उसने कई जगहों पर जाकर उसकी खोजबीन भी की थी. वहीं, शव मिलने पर नैना के परिवारवालों के साथ उसके शव के पास जाकर रोया भी था.
पुलिस ने खोल दी थी पूरी पोल, थाने का भी हुआ था घेराव
हालांकि, पुलिस ने विक्रम दास की पूरी पोल खोलकर रख दी थी. पहले तो मामला सामने आते ही संदेह के आधार पर उसे हिरासत में ले लिया था. फिर भी स्थानीय लोगों ने उसे हिरासत में लेने के विरोध में पुलिस को दबाव बनाना शुरू कर दिया था. उसके बाद जांच में पूरा मामला साफ हो गया था. नैना का शव जिस झाड़ी के पास छुपाया गया था, वहां से पुलिस ने चाकू भी बरामद किया था. उसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. उसके बाद भी बस्ती के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि विक्रम दास इस तरह की घटना को अंजाम दे सकता है. उन्होंने उसकी गिरफ्तारी के विरोध में बर्मामाइंस थाने का भी घेराव किया था. पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया था.
घटना के दूसरे दिन हुआ था हंगामा, हुई थी फोर्स की तैनाती
इधर घटना दुष्कर्म और हत्या इस घटना के दूसरे 5 अप्रैल 2018 को बस्ती के लोगों ने जमकर हंगामा किया था. इसकी वजह पीड़िता के झोपड़ीनुमा घर देर रात आग के हवाले कर दिया जाना था. इससे लोगों में इस कदर गुस्से का माहौल था कि मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव कर दिया गया था. उसके बाद स्थानीय लोगों की मांग पर तत्कालीन एसएसपी अनूप बिरथरे के आदेश पर पीड़िता के घर और आस-पास पुलिस फोर्स की तैनाती की गयी थी. उसके बाद एसएसपी ने खुद बस्ती जाकर मामले की जांच की थी. इस बीच बस्ती में पंचायती का भी दौर चला था. अंततः इस मामले में पुलिस को सफलता मिल ही गई थी.

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