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बैट से पिटाई करने वाले विधायक आकाश विजयवर्गीय जेल से रिहा, कहा- अंदर अच्छा वक्त बीता

New Delhi : बीजेपी के सीनियर लीडर कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय रविवार सुबह जेस से रिहा हो गए. आकाश इंदौर से बीजेपी विधायक हैं. गौरतलब है कि आकाश विजयवर्गीय बल्ले से पीटने के आरोप में जेल में थे.

इस मामले में उन्हें शनिवार को कोर्ट से जमानत मिली थी. हांलाकि शनिवार को जेल की कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण वो जेल से बाहर नहीं आ सके थे.

जिसके बाद रविवार सुबह को सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आकाश जेल से बाहर आ गए. वहीं जेल से बाहर आते ही आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि जेल में उनका वक्त अच्छा गुजरा.

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क्या कहना है जेल अधीक्षक का

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जिला जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी ने बताया कि हमें विजयवर्गीय को जमानत पर रिहा करने का अदालती आदेश शनिवार रात 11 बजे के आस-पास मिला. तय औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें रविवार सुबह जेल से छोड़ दिया गया.

चतुर्वेदी ने बताया कि शनिवार को लॉक-अप के शाम सात बजे के नियत समय तक हमें विजयवर्गीय को जमानत पर रिहा करने का अदालती आदेश नहीं मिला था. लिहाजा जेल नियमावली के मुताबिक हम उन्हें शनिवार रात रिहा नहीं कर सकते थे.

उन्होंने बताया कि विजयवर्गीय जिला जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बुधवार देर शाम से बंद थे. जेल शब्दावली के मुताबिक नियमित गिनती के बाद कैदियों को कारागार के भीतरी परिसर से दोबारा कोठरी में भेजकर बंद किये जाने को “लॉक-अप” करना कहा जाता है.

क्या था मामला

कुछ दिन पहले ही आकाश विजयवर्गीय की दादागिरी सरेआम देखने को मिली थी. आकाश ने नगर निगम के अधिकारी को बीच बाजार में बुरी तरह से पीटा था. आकाश बीजेपी नेता के बेटे होने के अलावा विधायक भी हैं, जो पहली बार विधायक बने हैं.

विधायक द्वारा निगम के कर्मचारियों की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. और आकाश के इस व्यवहार के लिए लोग उनकी आलोचना कर रहे थे. इसी मामले को लेकर आकाश को जेल जाना पड़ा था.

जर्जर मकान को ढहाने पहुंची थी निगम की टीम

दरअसल जर्जर मकान ढहाने गयी इंदौर नगर निगम की टीम के साथ विवाद के दौरान भाजपा के स्थानीय विधायक आकाश विजयवर्गीय ने शहरी निकाय के एक अफसर को क्रिकेट बैट से पीट दिया. चश्मदीदों ने बताया कि नगर निगम की टीम गंजी कंपाउंड क्षेत्र में एक जर्जर मकान को ढहाने पहुंची थी.

वहां रहने वाले लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. इस दौरान शहर के क्षेत्र क्रमांक-तीन के भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय भी वहां पहुंच गये और टीम को कथित तौर पर चेतावनी दी कि अगर वह जल्द नहीं लौटी, तो परिणाम के लिये वह खुद जिम्मेदार होगी.

पहले विधायक ने निगम अधिकारी से बात की और उसी बीच विवाद हो गया. जिसमें विधायक अपने आपे से बाहर हो गये और बैट से कर्मचारियों की पिटाई करनी शुरू कर दी. वहीं वहां मौजूद लोग और पुलिस वाले विधायक को रोकते रहे पर वे रुके नहीं और पिटाई करते गये.

भारी हंगामे के बीच विजयवर्गीय के समर्थकों ने नगर निगम टीम के साथ लायी गयी अर्थ मूविंग मशीन की चाबी निकाल ली. इसपर विवाद शुरू हो गया.

फिर इसी दौरान भाजपा विधायक हाथ में क्रिकेट का बैट लेकर आये और मोबाइल फोन से बात कर रहे एक निगम अधिकारी को बैट से पीटना शुरू कर दिया. भाजपा विधायक के समर्थकों ने भी इस अधिकारी से मारपीट और गाली-गलौज की.

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