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विजयलक्ष्मी युवा मैथिली लेखन पुरस्कार से मिलेगा युवा प्रतिभा को सम्मान, 30 जून तक करें आवेदन

Ranchi : विश्वम्भर फाउंडेशन के द्वारा युवा लेखकों को सम्मानित किये जाने की योजना है. फाउंडेशन द्वारा विजयलक्ष्मी युवा मैथिली लेखन पुरस्कार दिया जाएगा. पहली बार मैथिली भाषा में शुरू हुई इस प्रोत्साहन योजना को आगे भी निरंतर किये जाने का विचार फाउंडेशन ने तय किया है.

पुरस्कार के लिए मैथिली भाषा में लिखी गयी पांडुलिपि रचनाकारों, लेखकों से आमंत्रित की गयी हैं. देशभर में किसी भी राज्य में रहने वाले नागरिक आवेदन करने के पात्र हैं.

रचना पूरी तरह से मौलिक और मैथिली भाषा में होनी चाहिये. आवेदन करने वालों के लिए अधिकतम 35 वर्ष की आयु सीमा का भी निर्धारण किया गया है. 30 जून, 2020 तक आवेदन भेजे जा सकते हैं.

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साहित्य की किसी भी विधा की हो रचना

साहित्य की किसी भी विधा में रचना हो सकती है. कथा, उपन्यास, नाटक, निबंध, आलोचना आदि मे रचित रचना के लिए शब्द सीमा 30,000 से 50,000 तक निर्धारित की गयी है.

यह कम से कम 100 पृष्ठों की होनी चाहिये. अंतिम रुप से चयनित किसी एक रचना को विश्वम्भर फाउंडेशन, रांची द्वारा 51,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

लेखक इस पते पर अपनी पांडुलिपि भेज सकते हैं – नवीन कुमार झा, 3ए, कुंज विहार, अरगोड़ा, रांची,  834002, झारखंड.  

मैथिली भाषा की नयी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

विश्वम्भर फाउंडेशन के प्रमुख नवीन कुमार झा के अनुसार साहित्य अकादमी के अलावा किसी अन्य स्तर पर लेखकों को समुचित प्रोत्साहन नहीं मिल पाता है. ऐसे में फाउंडेशन ने इस साल से विजयलक्ष्मी युवा मैथिली लेखन पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है.

मैथिली भाषा में रुचि रखने वाले प्रतिभावान युवक-युवतियों के लिए यह एक बेहतर मंच बने, इसी की कोशिश है. इसके जरिये युवा वर्ग का साहित्यिक रुझान बढ़ेगा. 30 जून तक प्राप्त पांडुलिपियों को एक विशेष टीम 3 महीने तक अध्ययन और समीक्षा करेगी.

इसके बाद अंतिम रूप से एक नाम तय करेगी. जिस रचना को फाइनल किया जाएगा, उसे पुस्तक के रूप में छपाया भी जाएगा. उसे पुरस्कृत भी किया जायेगा.

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