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विद्यार्थी परिषद ऐसे कार्यकर्ता बनाता है जो समाज में परिवर्तन लायें : श्रीनिवास

  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड प्रदेश का 21वां प्रातीय अधिवेशन संपन्न
  • नये प्रदेश कार्यसमिति की भी घोषणा हुई, प्रो नाथू गाड़ी बने प्रदेश अध्यक्ष

Ranchi : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्रीनिवास ने झारखंड प्रदेश के 21 वे प्रांतीय अधिवेशन में कहा कि परिषद ऐसे कार्यकर्ता का निर्माण करता है जो सत्ता नहीं समाज परिवर्तन का कार्य करते हैं.

उन्होंने नई शिक्षा नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत, संस्कृति व गुरुकुल शिक्षा, यह भारत की पहचान थी. इसे लगभग 70 वर्षों से मैकाले की शिक्षा पद्धति ने प्रभावित करने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है. परंतु मैकाले शिक्षा के कारण हमारे स्वतंत्र में से स्व हट गया और केवल तंत्र रह गया जिसके हम गुलाम बने हुए है.

श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान शिक्षा नीति सर्वहित नीति है, जिससे छात्रों के साथ-साथ शिक्षक का भी विकास होता है. इस नीति से हमें पता चलेगा आखिर शिक्षक कैसा होना चाहिए. छात्र स्वेच्छा से विषय का चयन कर सकते हैं.

नई शिक्षा नीति में व्यवहार की शिक्षा दी जाएगी क्योंकि जब तक आपके पास व्यवहार की शिक्षा नहीं होती आप सुशिक्षित नहीं है. यह शिक्षा नीति सस्ती, सुलभ व गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाली है. भारत को भारत की भाषा की शिक्षा इस वर्तमान शिक्षा नीति से प्राप्त होगी. जिस प्रकार अर्जुन की प्रेरणा गीता है, उसी प्रकार अभाविप की प्रेरणा नई शिक्षा नीति है.

उन्होंने राममंदिर निर्माण पर कहा कि राम मंदिर निर्माण राष्ट्र मंदिर निर्माण है. जनजातीय समाज के साथ पूरे भारतवर्ष के आराध्य श्रीराम हैं. चूंकि मानव शरीर पंचतत्वों से मिलकर बना है. इसलिए भारत का प्रत्येक व्यक्ति प्राचीनकाल से ही प्रकृतिपूजक है. भारत को धर्मनिरपेक्ष नहीं अपितु धर्मयुक्त भारत बनाना है.

कार्यक्रम में प्रदेश संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ला ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि जिस दिन 21वें प्रांत अधिवेशन का उद्घाटन सत्र था, उस दिन कोरोना वैक्सीन देश भर में उपलब्ध करायी गयी. अभाविप कार्यकर्ता का ध्येय पद प्रतिष्ठा प्राप्त करना नहीं है. भावनाओं से ऊपर उठकर, कर्तव्य निभे बलिदानों से इस उक्ति को लेकर अभाविप कार्यकर्ता देश सेवा में लीन हैं.

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इस कार्यक्रम के उपरांत झारखंड से संबंधित तीन प्रस्ताव पारित किए गए जो निम्न है:

  1. राज्य में शिक्षा की बदहाली,कुंभकर्णी निद्रा से जागे राज्य सरकार.
  2. राज्य का वर्तमान परिदृश्य.
  3. झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें राज्य सरकार.

इस अधिवेशन में नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा भी की गई जो इस तरह से है-

  • प्रदेश अध्यक्ष- प्रो नाथू गाड़ी
  • उपाध्यक्ष – डॉ. कमलेश कुमार कामलेन्दु, प्रो. विनोद कुमार एक्का, डॉ. शत्रुघ्न पांडेय, प्रो. चक्रधर प्रसाद महतो, डॉ ओ पी सिन्हा
  • प्रदेश मंत्री- राजीव रंजन देव पांडेय
  • सह मंत्री- नवलेश कुमार सिंह, मोनू शुक्ला, मनोज सोरेन, बपन घोष, आयुषी गुप्ता
  • प्रदेश संगठन मंत्री – याज्ञवल्क्य शुक्ला
  • प्रदेश कोषाध्यक्ष – प्रो. दीपनारायण जायसवाल
  • कार्यालय मंत्री- अनिकेत अमन
  • सह कार्यालय मंत्री- निवास मंडल
  • छात्रा प्रमुख- डॉ पुष्कर बाला
  • सह छात्रा प्रमुख- स्नेहा गुप्ता, रोमा तिर्की
  • प्रदेश एसएफडी प्रमुख- राजेंद्र कुमार साव
  • प्रदेश एसएफएस प्रमुख- कंजलोचन गुप्ता
  • सह एसएफएस प्रमुख- राजा राम सिंह चौहान
  • प्रदेश जनजातीय प्रमुख- राज दुलार मुंडा
  • सह जनजातीय प्रमुख – रमेश उरांव, डब्लू भगत
  • प्रदेश सोशल मीडिया प्रमुख- रोहित दुबे
  • सह सोशल मीडिया प्रमुख- शुभम कुमार
  • थिंक इंडिया प्रमुख – आशुतोष त्रिपाठी
  • सह प्रमुख- आदित्य वर्मा
  • प्रादेशिक विश्वविद्यालय प्रमुख- विशाल सिंह
  • सह प्रमुख- अमन राज, अमन अभिषेक
  • प्रदेश कला मंच प्रमुख- अखिल सिंह
  • सह प्रमुख – मुक्ता नारायण
  • एग्रीविजन प्रमुख – दिव्यांशु कुंवर
  • सह प्रमुख- अभिषेक निश्चल
  • निजी विवि संयोजक- अमित चौबे
  • प्रदेश मेडिविजन कार्य प्रमुख- डॉ प्रमोद कुमार
  • प्रदेश शोध कार्य प्रमुख- अजिताभ श्रीवास्तव
  • प्रदेश टीएसवीपी संयोजक- अभिषेक कुमार
  • सह प्रमुख- अमित कुमार

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