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#RSS की संस्था विद्या भारती ने अन्य निजी स्कूलों की तरह निकाला यूनिफॉर्म बनाने का टेंडर

Pankaj Kumar Saw

Ranchi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की संस्था विद्या भारती ने भी अन्य निजी स्कूलों की तरह यूनिफॉर्म बनाने का टेंडर कर दिया है.

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इस कारण अब इसका यूनिफॉर्म खुले बाजार में नहीं मिलेगा. सरस्वती शिशु/विद्या मंदिरों के छात्र-छात्राओं को निर्धारित स्थान से ही इसे खरीदना होगा.

विद्या भारती की झारखंड-बिहार इकाई (उत्तर पूर्व क्षेत्र) ने कुछ ही महीने पहले यूनिफॉर्म बदलने की घोषणा की और उसके तुरंत बाद इसे तैयार करने के लिए टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन भी कर लिया गया.

संगठन के उत्तर पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्याली राम ने टेंडर किये जाने की पुष्टि की. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय द्वारा ये ड्रेस नहीं बेचे जायेंगे बल्कि बच्चे मार्केट से ही खरीदेंगे.

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पहले खुले बाजार में खरीद सकते थे यूनिफॉर्म

संस्था से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय विद्या भारती की उस पुरानी पद्धति के ठीक उलट है जिसमें यूनिफॉर्म का नमूना स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर लगा दिया जाता था और छात्र-छात्राएं व अभिभावक अपनी सुविधानुसार खुले बाजार से यूनिफॉर्म बनवा सकते थे.

विद्या भारती द्वारा संचालित एक स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि उन्हें कुछ महीने पहले संस्था की ओर से छात्र-छात्राओं को सूचित करने को कहा गया था कि नये सत्र यानी (अप्रैल 2020) से नया यूनिफॉर्म लागू होगा, इसलिए कोई वर्तमान में प्रचलित यूनिफॉर्म नहीं खरीदें.

प्राचार्य ने यह भी बताया कि उनके पास नये यूनिफॉर्म का सैंपल आ गया है लेकिन पहले की तरह खुले बाजार से उसे खरीदा नहीं जा सकेगा, बल्कि एक ही दुकान से खरीदना होगा जिसकी जानकारी और रेट चार्ट आने वाली है.

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दोनों राज्यों में सवा दो लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं

विद्या भारती की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों (2019) के अनुसार, बिहार और झारखंड में संस्था द्वारा प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्तर तक कुल 695 स्कूलों का संचालन होता है जिसमें 2 लाख 37 हजार 731 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं.

इतनी बड़ी संख्या में यूनिफॉर्म तैयार करने के लिए अब तक एक अघोषित श्रृंखला बनी हुई थी जिसमें हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ था. संस्था द्वारा टेंडर किये जाने से इन सब के रोजगार पर संकट आ गया है.

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