न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

वीडियो: कॉलेज गर्ल्‍स बोलीं- फब्ति‍यों और हॉर्न से परेशान करते हैं मनचले

स्कूल कॉलेज आते-जाते करते हैं युवतियों को परेशान

115

Ranchi: ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ जैसे न जाने कितने अभियानों पर पानी फिर जाता है जब समाज के मनचलें युवतियों को आते-जाते परेशान करते हैं. स्कूल, कॉलेज, कार्यालय समेत अपने दैनिक कार्यों के लिए युवतियों को अपने घर से बाहर निकलना पड़ता है. इस क्रम में कई बार इन्हें मनचलों का सामना करना पड़ता है. राजधानी रांची की युवतियों से इस बारे में ‘न्‍यूज विंग’ ने बात की. इससे पता चला कि कॉलेज जाने वाली युवतियों के साथ छेड़खानी की घटनायें बढ़ी हैं. युवतियों ने बताया कि कई बार एक ही युवक को कॉलेज या स्कूल के बाहर खड़ा देखा जाता है, जो तब तक वहीं रहते है जब तक कॉलेज की छुट्टी न हो जाये. ऐसे में काफी घबराहट होती है.

इसे भी पढ़ें- कांग्रेस को घेरने के लिए प्रधानमंत्री ने उछाला है अर्बन नक्सली का जुमला

गुटों में खड़े रहते है युवक

वीमेंस कॉलेज, महेंद्र कॉलेज आदि गर्ल कॉलेज जाने वाली युवतियों ने बताया कि अभी तो महिला बलों की तैनाती कॉलेज के सामने की जा रही है, फिर भी कॉलेज से दूर किसी दुकान या होटल आदि में युवक गुटों में खड़े रहते हैं और आते-जाते परेशान करते हैं.

इसे भी पढ़ें- झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी में नहीं है सब कुछ ठीक-ठाक

फब्ति‍यों और हॉर्न से करते है परेशान:

एक कॉलेज जाने वाली युवती ने बताया कि वो कॉलेज स्कूटी से आना-जाना करती है. ऐसे में कई बार जाम आदि में फंस जाने से या स्कूटी सही से मोड़ नहीं पाने पर युवक फब्ति‍यां कसते हैं. किनारे स्कूटी चलाने पर भी युवक हॉर्न से काफी परेशान करते हैं. वहीं अन्य लड़कियों ने भी बताया कि कि पैदल चलने से भी मनचले अपनी करतूतों से बाज नहीं आते. कभी-कभी तो बाइक से पीछा करते हुए लगातार हॉर्न बजाते हैं, जिससे काफी परेशानी होती है.

जवाब देने से लगता है डर

एक अन्य कॉलेज छात्रा ने बताया कि वो अपने सहेलियों के साथ स्कूल आती-जाती है. वहीं ट्यूशन से घर वापस आते काफी देर हो जाती है. ऐसे में कई बार युवक बाइक से पीछा करते हैं. आर्ची ने बताया कि एक बार की घटना है जब वह अपने दोस्तों के साथ स्कूल से घर जा रही थी. कुछ मनचलों ने उसका पीछा किया, और भद्दे कमेंट्स भी की. ऐसे में उसे और उसके दोस्तों को गुस्सा आ गया और उन्होंने भी लड़कों को जवाब देना चाहा, लेकिन आस-पास के लोग और मनचलों की मंशा पर संदेह करते हुए लड़कियां चुपचाप घर चली आयीं. उसने बताया कि कई बार ऐसा लगता है कि लड़कों को जवाब दे दिया जाये. लेकिन, कहीं कुछ गलत न हो जायें इसलिये चुप रहना पड़ता है.

इसे भी पढ़ें- 10 करोड़ से बना सदर अस्पताल पुराने खंडहर पीएमसीएच की राह चला

कपड़ों पर करते है कमेंट्स

युवतियों को परेशान करने के लिए युवक तरह-तरह के उपाय ढूंढ़ लेते हैं. युवतियों ने बताया कि साधारण कपड़े पहनने पर भी युवक कमेंट्स करते हैं. वो भी ऐसे ऐसे कमेंट्स जिसे किसी को बताया भी न जा सके. युवतियों ने कहा कि जींस, कुर्ती, शर्ट या अन्य परिधान पहनने पर भी युवक कमेंट्स करते हैं. ऐेसे में समझ नहीं आता कि जिन लड़कियों को रांची जैसे शहर में जींस पहना देखकर कमेंट्स करते हैं, वो मेट्रो सिटी जाकर क्या करेंगे.

अभिभावकों को नहीं बता पातीं युवतियां

बात-चीत के दौरान अधिकांश युवतियों ने बताया कि छेड़खानी के मामलें वे अपने अभिभावकों को नहीं बता पातीं, क्योंकि ऐसा करने पर युवतियों पर ही सवाल खड़े होते हैं. कुछ युवतियों ने बताया कि कई माता-पिता को कुछ घटनाएं बतायी गयी, ऐसे में माता-पिता समय से घर आने जाने, दोस्तों के साथ पांच बजे के बाद बाहर नहीं रहने की बात करते हैं. जिससे लगता है कि जब हमारी गलती ही नहीं तो हम पर ही नियम क्यों थोपे जाते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: