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प्रताड़ना की शिकार पहाड़िया बच्ची की रिम्स में इलाज के दौरान मौत, दिल्ली से छुड़ाई गई थी पीड़िता

मानव तस्कर प्रभा मुनि की बताई थी सच्चाई

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Ranchi: 25 सितंबर को दिल्ली से छुड़ाकर लाई गई गोड्डा के कुसुम घाटी रहने वाली नाबालिग पहाड़िया जाति की बच्ची की बुधवार सुबह मौत हो गई. बता दें कि मंगलवार की सुबह उसकी स्थिति बिगड़ने पर उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था. लेकिन अहले सुबह बच्ची की मौत हो गई. बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने बताया कि बच्ची की मौत साढ़े तीन बजे हुई है. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा. ज्ञात हो कि पिछले कई दिनों से नाबालिग रिम्स में भर्ती थी.

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प्रताड़ना की शिकार थी नाबालिग

नाबालिग पहाड़िया बच्ची दिल्ली के एक परिवार के यहां काम करती थी. जहां उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया था. ज्ञात हो कि 25 सितंबर को झारखंड बाल संरक्षण आयोग ने 16 बच्चों को मुक्त कराया था, जिनमें से दो गोड्डा की थी. और इन्हीं में से एक थी नाबालिग पीड़िता. जिसे दिल्ली से मुक्त कराने के बाद पहले गोड्डा भेजा गया था, जहां उसकी हालत बिगड़ी देख रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया था.

कई गंभीर बीमारी से पीड़ित थी बच्ची

नाबालिक पहाड़िया बच्चे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी. उसे लगातार झटके भी आ रहे थे. डॉक्टरों ने उसका सिटी स्कैन भी कराया था. लेकिन झटके आने का सही कारण पता नहीं चल पाया था. नाबालिग पहाड़िया बच्ची टीबी से भी पीड़ित थी.

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कट गयी थी जीभ

नाबालिग बच्ची दिल्ली में जिस परिवार के यहां काम करती थी. उस परिवार वालों ने लड़की के जीभ में क्लिप लगा दी थी. ताकि लड़की कुछ बोल नहीं पाए. नाबालिग लड़की के जीभ में पिन लगाने के कारण उसकी जीभ चोटिल हो गयी थी. और झटका आने के बाद जीभ काट कर बाहर आ गई थी.

प्रभा मुनि के काले कारनामों का किया था खुलासा

मानव तस्करी का शिकार हुई इस बच्ची ने सिमडेगा की मानव तस्कर प्रभा मुनि के काले कारनामों का खुलासा किया था. उसने बताया था कि किस तरह दिल्ली में ले जाकर बेचा गया था और उसे किस तरह प्रताड़ित किया गया था. वही रिम्स में इलाज के दौरान बच्ची से मिलने डीजीपी की पत्नी सहित इप्सोवा की कई मेंबर भी गई थी.

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