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विहिप ने राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन, कानून बनाकर अयोध्या में राममंदिर बनाने की मांग

विश्व हिंदू परिषद की संतों की उच्चाधिकार समिति ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह संसद से कानून बनाकर अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त करे.

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NewDelhi : विश्व हिंदू परिषद की संतों की उच्चाधिकार समिति ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह संसद से कानून बनाकर अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त करे.  संतों ने इसे लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन भी दिया है. खबर है कि जल्दी ही इस मामले में संत प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे. बता दें कि रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में संतों की बैठक हुई. इस बैठक में  अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अविलंब शुरू करने के लिए कानून बनाने को कहा गया. हालांकि विहिप ने अपनी इस मांग के लिए सरकार के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है.  जानकारी के अनुसार अगले साल इलाहाबाद के कुंभ मेले में आयेाजित  धर्म संसद में विहिप व संत इस संबध में फैसला लेंगे.  इस क्रम में विश्व हिंदू परिषद ने मंदिर निर्माण अभियान को विधानसभा व लोकसभा चुनाव से जोड़े जाने का खंडन किया है.

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 कुंभ में 31 जनवरी व 01 फरवरी को धर्म संसद में निर्णय लिया जायेगा

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विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हाल के घटनाक्रम को लेकर संतों ने यह फैसला किया है. कहा कि 2017 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा की बेंच में जब यह मामला आया तो लगा था कि मिश्रा के कार्यकाल में इस मसले पर निर्णय हो जाएगा. इस कारण यूपी में हुई पिछली धर्म संसद में अदालत के रुख की प्रतीक्षा करने का निर्णय लिया गया था. कहा कि अब जबकि  राम मंदिर पर फैसला नहीं हुआ और जस्टिस मिश्रा सेवानिवृत्त भी गये, तो समिति की बैठक में नयी रणनीति तैयार की गयी है.   सरकार से आग्रह किया गया है कि वह संसद के शीतकालीन सत्र में ही कानून बनाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करे.  कुमार ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कुंभ में 31 जनवरी व 01 फरवरी को धर्म संसद में  निर्णय लिया जायेगा.

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