न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राफेल घोटाले की जांच शुरु किये जाने से रोकने के लिये वर्मा को पद से हटाया गया : प्रशांत भूषण

86

 

New Delhi :  वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा लड़ाकू विमान राफेल की खरीद में कथित गड़बड़ी की जांच शुरु करने वाले थे, लेकिन जांच शुरु होने से पहले ही मोदी सरकार ने वर्मा की जगह पहले से भ्रष्टाचार की जांच से घिरे अधिकारी एम नागेश्वर राव को जांच एजेंसी का प्रभारी निदेशक बना दिया.

भूषण ने वाम दलों की ओर से राफेल खरीद मामले में कथित गड़बड़ी पर बुधवार को आयोजित जनसुनवाई को संबोधित करते हुये सीबीआई में मौजूदा घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. भूषण ने कहा ‘‘वर्मा के खिलाफ की गयी कार्रवाई का एकमात्र मकसद राफेल घोटाले की जांच को रोकना है. क्योंकि चार अक्तूबर को मैंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिंहा के साथ राफेल घोटाले से जुड़े तथ्य वर्मा को सौंपे थे. इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुये वर्मा आज जांच शुरु करने वाले थे, लेकिन इसके पहले ही मोदी सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया.’’

उल्लेखनीय है कि भूषण ने वर्मा के खिलाफ की गयी कार्रवाई को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. भूषण ने राफेल मामले को अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद घोटाला बताते हुये कहा ‘‘इसमें प्रधानमंत्री की सीधे तौर पर भागीदारी है और इसीलिये वर्मा की जगह उस अधिकारी को सीबीआई का प्रभारी निदेशक बनाया गया है जिस पर पहले से भ्रष्टाचार के मामलों में जांच चल रही है.’’

जनसुनवाई के दौरान माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने वर्मा सहित सीबीआई के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई को देश की शीर्ष जांच एजेंसी में ‘सियासी तख्तापलट’ बताया. उन्होंने कहा कि राफेल मामले में कथित घोटाले की सच्चाई को उजागर होने से रोकने के लिये सरकार ने न सिर्फ देर रात जांच एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों का तबादला कर दिया बल्कि सीबीआई मुख्यालय को सील भी कर दिया गया.

palamu_12

जनसुनवाई में भाकपा के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी, सचिव अतुल कुमार अनजान, राज्यसभा सदस्य डी राजा, माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात, नीलोत्पल बसु, भाकपा माले के दीपांकर भट्टाचार्य और रक्षा विशेषज्ञ डी रघुनंदन एवं रवि नायर ने भी राफेल खरीद मामले में कथित गड़बड़ी के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया.

राजा ने भी सीबीआई के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई को तख्तापलट करार देते हुये कहा यह घटनाक्रम चौंकाने वाला है. इससे बतौर एक संस्था, सीबीआई पर संकट गहरा गया है। साथ ही सीबीआई की विश्वसनीता भी खत्म हो गयी है. राजा ने कहा ‘‘यह सब प्रधानमंत्री की नाक के नीचे हो रहा है और इस बात की भी आशंका है कि इसका ताल्लुक राफेल खरीद मामले से भी है.’’

 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: