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झारखंड की सड़कों पर चलने वाले कमर्शियल वाहनों से भी वसूला जायेगा यूजर FEE, मोबाइल एप से ली जाएगी मदद

अबतक सिर्फ खनिज ढोने वाले वाहनों से लिया जा रहा यूजर फी, नियमावली में किया गया है प्रावधान

Nikhil Kumar

Ranchi:  झारखंड सरकार जल्द ही राज्य की सड़कों पर चलने वाले व्यवसायिक गुड्स वाहनों से भी यूजर फी (टोल) वसूलने की तैयारी कर रही है. वर्तमान में सिर्फ खनन के सामान ढोने वाले वाहनों से यूजर फी वसूला जा रहा है पर इसका दायरा जल्द बढ़ाया जायेगा. पथ निर्माण विभाग, वाणिज्यकर विभाग, परिवहन विभाग व आईटी विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है. मुख्य सचिव स्तर पर भी इसको लेकर बैठक की जा चुकी है. यह प्रयास हो रहा है कि एक ऐसा मोबाइल एप डेवलप किया जाये, जिसके जरिये न सिर्फ खनन ढोने वाले वाहन बल्कि अन्य कमर्शियल वाहन जो विभिन्न तरह के कमर्शियल गुड्स का परिवहन करते हैं उससे यूजर फी लिया जा सके.

ऐसा सरकार राजस्व वृद्धि के लिए कर रही है. दरअसल, पथ निर्माण विभाग ने झारखंड हाइवे फी नियमावली 2021 व संशोधित नियमावली 2022 का गठन किया है. इसके आलोक में राज्य के अंतर्गत सभी व्यवसायिक वाहनों से यूजर फी वसूला जाना है. झारखंड में अभी खनन ढोने वाले वाहनों से यूजर फी लिया जा रहा है.

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ऐसे में अन्य वाहनों से भी यूजर फी लेने के लिए पथ निर्माण सचिव सुनील कुमार ने एक आवश्यक मोबाइल एप डेवलप करने के लिए परिवहन सचिव झारखंड, वाणिज्यकर सचिव, सचिव आइटी को पत्र लिखा है. सचिव ने स्पष्ट कहा है कि उपरोक्त नियमावली के तहत अभी खनन विभाग के पोर्टल जेआईएमएमएस के जरिये यूजर फी खनन वाहनों से लिया जा रहा है. लेकिन, नियमावली में यह स्पष्ट है कि राज्य में वैसे सभी कमर्शियल वाहन जो विभिन्न वाणिज्यक उत्पाद का परिवहन करते हैं उनसे भी यूजर फी लिया जायेगा. ऐसे में इन वाहनों से यूजर फी लेने के लिए खान विभाग के पोर्टल के अलावा अन्य मोबाइल बेस्ड एप तैयार किए जाने की जरूरत है. इसके जरिये यूजर फी का कलेक्शन बेहतर तरिके से हो इसके लिए वेब एप या मोबाइल एप को विकसित किया जाना चाहिए. इसके अलावा एक डाटा भी तैयार किया जा सकेगा ताकि वाहनों का ई-चालान भी काटा जा सके.

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नौ टन से अधिक खनिज मैटेरियल ढोने वाले वाहनों से लिया जा रहा यूजर फी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य की महत्वपूर्ण सड़कों, कोल एरिया की सड़कों व खनन क्षेत्रों में चलने वाले व्यवसायिक वाहनों का सर्वे कराया गया था. सर्वे में यह बात सामने आयी की राज्य में करीब तीन लाख से अधिक व्यवसायिक वाहन चल रहे हैं. राज्य सरकार ने इनसे टोल वसूलने का निर्णय लिया है. इसके लिए 2021 में नियमावली तैयार की गयी है. पर पहले चरण में सिर्फ खनन क्षेत्रों में खनिज ढोने वाले वाहनों से यूजर फी वसूलने का निर्णय हुआ. इसके जरिये यूजर फी कई जगह लिया गया. ऐसे में ईट, बालू, गिट्टी ढोने वाले वाहनों से भी यूजर फी लेना शुरू हुआ है, जिसका असर यह पड़ा कि ये जरूरी मैटेरियल महंगे होने लगे. इसके बाद सरकार ने फरवरी 2022 को एक संशोधित नोटिफिकेशन जारी किया और नौ टन से कम मैटेरियल ढोने वाले सामानों को इससे मुक्त कर दिया. नौ टन से अधिक खनन वाहनों से 600 रुपए यूजर फी अभी लिया जा रहा है.

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