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झारखंड को कुपोषणमुक्त बनाने में सूचना तंत्र का करें उपयोग : डॉ लुईस मरांडी

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Ranchi : महिला और बाल विकास मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने कहा है कि झारखंड को कुपोषणमुक्त बनाने के लिए सूचना तंत्र का अधिक से अधिक उपयोग होना चाहिए. राज्य के जिला समाज कल्याण पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुपोषणमुक्त झारखंड का निर्माण करने के लिए गुणवत्ता का भी ख्याल रखना जरूरी है. इतना ही नहीं, कुपोषण के सभी मानकों की नियमित निगरानी जिला स्तर पर रखने की जरूरत है. जिलास्तरीय निगरानी की समीक्षा रिपोर्ट भी सरकार को हर पल भेजी जाये. इसके लिए सूचना तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है. उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी प्रखंड स्तर तक कुपोषण मिटाने का कार्यक्रम तय करें और वहां बैठकें आयोजित करें. उन्होंने कहा कि कोडरमा, दुमका और सिमडेगा में कुपोषण के क्षेत्र में बेहतर कार्य किये जा रहे हैं. यहां पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी से लेकर आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ऐसी व्यवस्था नहीं है, वहां अत्यधिक चौकसी बरतने की आवश्यकता है. उन्होंने दूसरे जिलों को एक माह के अंदर सभी लंबित कार्य पूरे करने का निर्देश भी दिया.

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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ सभी लाभुकों तक अविलंब पहुंचायें

डॉ लुईस मरांडी ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सभी लाभुकों को अविलंब लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना का शत-प्रतिशत आच्छादित करने, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सभी गर्भवती महिलाओं का निबंधन कराने के भी निर्देश दिये. तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को अंडा, फल मंत्रालय स्तर पर वितरित करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि सेविका, सहायिका, पोषण सखी का मानदेय भुगतान समय पर किया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इनका भुगतान समय पर नहीं होगा, तो इसके लिए महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी जायेगी. मौके पर समाज कल्याण निदेशक मनोज कुमार, राज्य पोषण मिशन के महानिदेशक डीके सक्सेना समेत सभी जिलों के पदाधिकारी मौजूद थे.

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