न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अमेरिका-ईरान में युद्ध भड़कने की आशंका, अमेरिका ने दो युद्धपोत  पश्चिमी एशिया क्षेत्र में तैनात किये

 ईरान द्वारा आक्रमण करने की आशंका का हवाला देते हुए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में पैट्रियट मिसाइलें भी तैनात की हैं.

62

Washington : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए युद्ध जैसे हालात नजर आ रहे है. सऊदी के दो तेल टैंकरों पर यूएई के तट पर हुए हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है,  हालांकि ईरान ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार करते हुए इसे विदेशी ताकत की साजिश बताया.

इस बीच पश्चिमी एशिया में अपनी स्थिति मजबूत करने और किसी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने की तैयारी अमेरिका ने शुरू कर दी है.

अमेरिका ने अपने युद्धपोत यूएसएस आरलिंगटन और यूएसएस अब्राहम लिंकन को पश्चिमी एशिया क्षेत्र में तैनात किया है.  अमेरिका के रक्षा सलाहकार ने पहले ही कहा था कि अमेरिका के खिलाफ ईरान युद्ध की तैयारी कर रहा है.  ईरान द्वारा आक्रमण करने की आशंका का हवाला देते हुए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में पैट्रियट मिसाइलें भी तैनात की हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए इराक का दौरा भी किया. हालांकि, संयुक्त रूप से इन सभी घटनाक्रम का असर दोनों देशों के बीच तनाव के चरम पर पहुंच जाने के रूप में हुआ.

इसे भी पढ़ें – मोदी को रोकने की कवायद, सोनिया ने विपक्षी दलों के नेताओं को फोन किया, 22-24 मई को दिल्ली बुलाया

इराक में मौजूद अधिकारियों को वापस बुला लिया

अमेरिका ने इराक में मौजूद अधिकारियों को वापस बुला लिया है. खबरों के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने गैर-आपातकालीन अमेरिकी अधिकारियों को  वापस लौटने का आदेश जारी किया है.  अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने न्यू यॉर्क टाइम्स की ईरान के खिलाफ युद्ध की तैयारी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ईरान से मुकाबला करने के लिए मध्य पूर्व में लगभग एक लाख 20 हजार सैनिकों को भेजने की योजना पर विचार कर रहे हैं.   इराक से अमेरिका ने अपने अधिकारियों को बुलाकर ईरान के लिए सख्त तेवर दिखाये हैं.

अमेरिका और ईरान के संबंध पिछले एक साल में बेहद खराब हो गये हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ओबामा प्रशासन में ईरान के साथ हुई न्यूक्लियर डील खत्म कर दी और ईरान पर कठोर प्रतिबंध फिर से लागू हो गये.

इसी क्रम में भारत और चीन जैसे देशों को दी गयी रियायतें भी खत्म हो गयी और इन सबका असर ईरान के अर्थव्यवस्था पर बुरी तरह से पड़ा.  अमेरिका ने ईरान को और बड़ा झटका देते हुए तेल खरीद पर चीन और भारत जैसे देशों को मिलनेवाली छूट को भी खत्म कर दिया है.

अमित शाह को सिर्फ काले झंडे दिखाये गये थे, शाह ने बाहर से गुंडे बुला रखे थे : टीएमसी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: