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हिंसक प्रदर्शन पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकीः नहीं मानें तो प्रदर्शनकारियों को रोकेगी सेना

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Washington: अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत के खिलाफ हो रहे अमेरिका में हिंसक प्रदर्शन जारी है. इसे रोकने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है. प्रदर्शन रोकने के लिए शहर और राज्यों द्वारा जरूरी कदम नहीं उठाए जाने की सूरत में ट्रंप ने सोमवार को विद्रोह अधिनियम को लागू करने की धमकी दी. इसके अधिनियम के तहत राष्ट्रपति को सेना उतारने का अधिकार मिल जाता है.

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…तो मैं अमेरिकी सेना को तैनात करुंगा

व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि फ्लॉयड की बर्बर मौत से सभी अमेरिकी दुखी हैं तथा इसका विरोध कर रहे हैं और इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में न्याय होगा. ट्रंप ने राष्ट्र को आश्वासन दिया कि वह हिंसा को रोकने और अमेरिका में सुरक्षा बहाल करने के लिए कदम उठा रहे हैं.


राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने बर्बादी और आगजनी को, दंगों और लूट को रोकने तथा कानून का पालन करने वाले अमेरिकियों के अधिकारों को संरक्षित करने के लिए सभी उपलब्ध सरकारी संसाधनों, नागरिकों एवं सेना को जुटा लिया है.

उन्होंने चेतावनी दी, “आज मैं प्रत्येक गवर्नर को सड़कों पर पर्याप्त संख्या में नेशनल गार्ड की तैनाती करने की सलाह देता हूं. मेयरों और गवर्नरों को हिंसा समाप्त होने तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों या अधिकारियों की जबर्दस्त उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी. अगर कोई शहर या राज्य अपने निवासियों के जान-माल की रक्षा करने के लिए जरूरी कदम उठाने से इनकार करता है तो मैं अमेरिकी सेना को तैनात करुंगा और उनके लिए जल्द ही समस्या का हल कर दूंगा.”

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अमेरिका के 140 शहरों में प्रदर्शन

फ्लॉयड की मौत के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों की आग अमेरिका की 140 शहरों तक पहुंच गई है, जिसे देश में पिछले कई दशकों में सबसे खराब नागरिक अशांति माना जा रहा है .वहीं हिंसा रोक पाने में अधिकारियों के विफल रहने के बाद न्यूयॉर्क सिटी में सोमवार देर रात कर्फ्यू लगा दिया गया. देश के अन्य शहरों की तरह न्यूयॉर्क में भी रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा.

इस बीच कर्फ्यू लागू करने के दौरान गोली चलाने वाले लुइसविले पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया गया जब मेयर को पता चला कि गोलीबारी में शामिल अधिकारी हिंसा के दौरान बॉडी कैमरा (वर्दी पर पहने जाना वाला कैमरा) चालू करने में विफल रहे. इस गोलीबारी में एक प्रसिद्ध बार्बेक्यू स्थल के मालिक की मौत हो गई थी.

बता दें कि 25 मई को मिनेसोटा में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी. केवल 20 डॉलर के जाली नोट चलाने के आरोप में जॉर्ज को पुलिस ने पकड़ा था और एक पुलिस वाले ने उसे जमीन पर गिराकर उसकी गर्दन को पांव से तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. जिसके बाद से अमेरिका में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गये हैं. केवल अश्वेत समुदाय ही नहीं बल्कि श्वेत भी सड़कों पर हैं.

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