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उर्जित पटेल का इस्तीफाः आरबीआइ से 3.60 लाख करोड़ मांग रही थी सरकार

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New Delhi: आरबीआइ गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे के साथ ही देश का आर्थिक और राजनीतिक माहौल गरमा गया है. गौरतलब है कि उर्जित पटेल और केंद्र के मध्य कई दिनों से केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को लेकर टकराव की हालत पैदा हो गयी थी. इस बीच एक खबर आयी कि वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक कानून की धारा सात को लागू करने पर विचार शुरू कर दिया है. आपको बता दें कि ये धारा सरकार को जनहित के मुद्दों पर रिजर्व बैंक गवर्नर को निर्देश देने का अधिकार देती है. वहीं ये भी कहा जा रहा था कि सरकार रिजर्व बैंक से 3.60 लाख करोड़ रुपये की मांग कर रही है. इसे मानने से आरबीआइ ने इनकार कर दिया. इन सब मुद्दों पर सरकार और उर्जित पटेल के बीच लगातार टकराव की बात हो रही थी. इस बीच उर्जित पटेल ने 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद प्रेस को बताया गया था कि उर्जित पटेल और सरकार के बीच जारी तनातनी खत्म हो गई है.

एक और संस्थान की सुचिता नष्ट हुईः कांग्रेस

राजनीतिक हलकों की बात करें तो पटेल के इस्तीफे पर कांग्रेस पार्टी ने कहा, ‘मोदी राज में एक और संस्थान की सुचिता नष्ट हुई. आरबीआई के गवर्नर को जिस तरीके से हटने के लिए विवश किया गया है वह देश की मौद्रिक और बैंकिंग प्रणाली पर एक धब्बा है.’  पं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार पर निशाना साधा. कहा कि इस सरकार में सीबीआई से लेकर आरबीआई तक सभी संस्थाएं संकट में हैं. ममता ने पटेल का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ देश में राजनीतिक आपात की स्थिति तो थी ही अब आर्थिक आपात भी उत्पन्न हो गया है. CBI से लेकर RBI तक सभी संस्थाएं खतरे में आ गयी हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक और रिजर्व बैंक के स्वतंत्र निदेशक एस गुरुमूर्ति ने उर्जित पटेल के इस्तीफे पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि ये देश के लिए झटके की तरह है.

कौन हैं उर्जित पटेल

पटेल लंदन स्कूल इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं. उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है. पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के करीबी सहयोगी माने जाने वाले पटेल को देश में महंगाई के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले मजबूत सिपाही के तौर पर जाना जाता है. वह उस समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव लाए. उनके इस्तीफे के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘डॉ. उर्जित पटेल मैक्रो-इकोनॉमिक मुद्दों की गहरी और अंतर्दृष्टि समझ रखने के साथ ही एक बहुत ही उच्च क्षमता वाले अर्थशास्त्री हैं. उन्‍होंने बैंकिंग प्रणाली को अराजकता से बाहर निकाला. वह अपने पीछे महान विरासत छोड़ रहे हैं. वह बहुत याद आएंगे.’ वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार उर्जित पटेल की सेवाओं की पूरी गंभीरता के साथ सराहना करती है.

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