NEWS

UPSC RESULT : कोल्हान के दो सपूत, एक को तमाम सुख-सुविधा मंजिल से भटका न सकी, दूसरे को अभाव भी लक्ष्य से डिगाने में नाकाम रहा

टाटा स्टील के रिटायर्ड अधिकारी के पुत्र कनिष्क को मिली 43वीं रैंक, चाईबासा के साइकिल दुकानदार के बेटे को 360वां स्थान

Jamshedpur : जमशेदपुर और चाईबासा के दो होनहार सपूतों कनिष्क और अभिनव ने शुक्रवार को घोषित यूपीएससी नतीजों में सफलता हासिल कर अपने माता-पिता और शहर का नाम रोशन किया है. जमशेदपुर लोयोला स्कूल के छात्र और टाटा स्टील से रिटायर्ड अधिकारी प्रभात शर्मा के पुत्र कनिष्क को यूपीएससी की फाइनल परीक्षा में देश में 43वां रैंक मिला है. जबकि चाईबासा के अभिनव को 360वां रैंक मिला है. कनिष्क बिट्स पिलानी से इंजीनियर हैं. कुछ समय कारपोरेट की नौकरी कर चुके हैं. अभी दिल्ली पुलिस में एसीपी हैं. पिता टाटा स्टील में ऊंचे पद पर रहे. कनिष्क को कोई कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी उसे आइएएस बनने की लगन थी, जबकि चाईबासा के अभिनव के पिता साइकिल की दुकान चलाते हैं. उसने अपनी प्रतिभा की बदौलत एनआईटी कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग की. परिवार पालने के लिए बैंक में नौकरी की साथ में खुद तैयारी करते रहे. 2019 में पहले प्रयास में यूपीएससी में सफल रहे. इंडियन रेवेन्यू सर्विस मिली. फिलहाल ट्रेनिंग कर रहे हैं. अभिनव ने आर्थिक तंगी से संघर्ष कर यह मुकाम हासिल किया है. उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली. कनिष्क और अभिनव आज के बच्चों के लिए मिसाल हैं. एक को पैसा और तमाम सुख-सुविधाएं अपनी मंजिल से भटका नहीं सका, दूसरे को गरीबी रास्ते से डिगा नहीं सकी.

टाटा स्टील के रिटायर्ड अधिकारी प्रभात शर्मा के पुत्र कनिष्क को 43वां रैंक

जमशेदपुर लोयोला स्कूल के छात्र और टाटा स्टील से रिटायर्ड अधिकारी प्रभात शर्मा के पुत्र कनिष्क को यूपीएससी की फाइनल परीक्षा में देश में 43वां रैंक मिला है. वर्ष 2020 की परीक्षा में वह वेटिंग लिस्ट में थे.  कनिष्क लोयोला स्कूल के पूर्व छात्र रह चुके हैं. वर्तमान में वह दिल्ली पुलिस में एसीपी रूप में पदस्थापित हैं. वर्ष 2019 की परीक्षा में पिछले साल यूपीएससी की रिजर्व लिस्ट प्रकाशित हुई थी, इसमें कनिष्क को 36वां स्थान मिला था. इसके आधार पर उन्हें यूटी कैडर मिला और फिलहाल वह दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट कमिशनर हैं. कनिष्क के माता-पिता प्रभात शर्मा और रश्मि शर्मा बारीडीह स्थित विजया गार्डन में रहते हैं. मूल रूप से कनिष्क का परिवार बिहार के गया जिले के कोंच प्रखंड के चिचारे गांव के रहनेवाला है. कनिष्क के पिता टाटा स्टील के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस के अधिकारी रह चुके हैं. बाद में उन्होंने टाटा स्टील के कलिंगानगर प्लांट में प्रशासनिक प्रमुख का पदभार संभाला. कनिष्क के चचेरे भाई करण सत्यार्थी झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं.

advt

चाईबासा बड़ी बाजार के अभिनव को मिला 360वां रैंक  

चाईबासा के बड़ी बाजार में रहनेवाले अभिनव कुमार ने दूसरी बार यूपीएससी क्लियर कर चाईबासा का नाम रौशन किया है. पहली बार में उन्हें रेवेन्यू सर्विस मिली थी. अभिनव कुमार न्यूज विंग को बताया कि उन्होंने चाईबासा के संत जेवियर स्कूल से 10वीं तथा रांची के डीएवी स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की. आर्थिक तंगी होने के कारण खुद जॉब करते हुए तैयारी की. इसमें मम्मी, पापा और बहन का काफी सहयोग मिला. अभिनव ने अपनी सफलता का सारा श्रेय उन्हें ही दिया है.  अभिनव ने बगैर कोचिंग के ही खुद तैयारी कर यह सफलता पायी.

इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद बैंक में काम करते हुए तैयारी की

अभिनव 2016 में एनआईटी, कुरुक्षेत्र हरियाणा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद 2016 से मुंबई में इनवेस्टमेंट बैंकर के रूप में काम करते हुए तैयारी कर रहे थे. अभिनव ने कहा कि समाज के लिए काम करने की इच्छा है. मैं चाईबासा में ही पला-बढ़ा. यहीं से मुझे प्रेरणा मिली. आशा करूंगा कि मुझे झारखंड कैडर मिले, तो यहां काम करने का मौका मिलेगा. 24 साल के अभिनव कुमार ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है. 2019 की यूपीएससी परीक्षा में उन्हें 472वीं रैंक मिली थी. अभी अभिनव कुमार इंडियन रेवन्यू सर्विस में ट्रेनिंग कर रहे हैं. अभिनव के पिता चाईबासा जिला परिषद मार्केट में साइकिल की दुकान चलाते हैं. अभिनव के परिवार में माता, पिता और एक बहन है.

इसे भी पढ़ें – Jharkhand: डीएसपी स्तर के सात पदाधिकारियों का तबादला

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: