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क्रेन चालक की मौत पर हंगामा, परिजनों ने मांगा मुआवजा, फैक्ट्री प्रबंधन बोला- वह हमारा स्टाफ था ही नहीं

  • मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री के दफ्तर पर देर शाम तक अड़े रहे परिजन, मुहल्लेवाले और माले नेता

Giridih : एक व्यक्ति की मौत पर जिले के बजरंग चौक स्थित एक दफ्तर में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ. यह दफ्तर है जिले के औद्योगिक क्षेत्र चतरो स्थित बालमुकुंद स्टील फैक्ट्री का. हंगामा इस बात को लेकर हुआ कि मृतक राजेश कुमार राम (46 वर्ष) के परिजन और कुछ नेता कह रहे थे कि राजेश बालमुकुंद स्टील फैक्ट्री में क्रेन चालक के रूप में कार्यरत था और ड्यूटी के दौरान फैक्ट्री परिसर में ही उसकी मौत हो गयी, इसलिए फैक्ट्री प्रबंधन मुआवजा दे. लेकिन, दूसरी ओर फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कहा जाता रहा कि राजेश उनका कर्मचारी नहीं था और उसकी मौत भी फैक्ट्री परिसर में नहीं हुई है, इसलिए प्रबंधन मुआवजा नहीं देगा. इस बात को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन और मृतक के परिजन समेत कुछ नेताओं के बीच शनिवार की देर शाम तक बहस जारी रही.

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यह है पूरा मामला

मृतक राजेश कुमार राम शहर के नगीना सिंह रोड का रहनेवाला था. उसके भाई और विहिप नेता राकेश आर्या का कहना है कि राजेश शुक्रवार की रात नौ बजे ड्यूटी के लिए फैक्ट्री पहुंच चुके थे. उसके बाद देर रात पौने 11 बजे परिजनों को फोन करके बताया गया कि राजेश का शव सड़क पर पड़ा हुआ है. फोन करनेवाला कौन था, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. इसके बाद परिजन घटनास्थल जाने के लिए निकले, तो फिर दूसरी बार कॉल कर बताया गया कि शव को मुफस्सिल थाना ले जाया गया है.

इसके बाद शनिवार की सुबह मृतक के शव को मुफस्सिल थाना से पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया. इसकी जानकारी मिलने के बाद मृतक के भाई राकेश आर्या, अनिल राम समेत मुहल्ले के लोगों के साथ भाकपा माले नेता राजेश यादव, राजेश सिन्हा, भाजपा नेता दिनेश यादव और पूर्व भाजपा नेता मनोज साहू भी सदर अस्पताल पहुंचे. हालांकि, अस्पताल में तस्वीर खिंचवाने के बाद दोनों भाजपा नेता (एक पूर्व भाजपा नेता) वहां से चले गये. लेकिन, परिजन और मुहल्ले के लोगों के साथ माले नेता राजेश यादव और राजेश सिन्हा वार्ता के लिए फैक्ट्री प्रबंधन के लोगों को बुलाने के प्रयास में लगे रहे. वे मुआवजे की मांग पर अड़े थे. वहीं, दूसरी तरफ शनिवार की देर शाम तक प्रबंधन की ओर से कोई भी वार्ता के लिए नहीं आया.

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माले नेताओं ने परिजनों और मुहल्ले के लोगों के साथ दफ्तर का किया घेराव

काफी इंतजार के बाद भी जब प्रबंधन के लोग वार्ता के लिए नहीं आये, तो माले नेताओं के साथ परिजनों और मुहल्लेवालों ने फैक्ट्री के बजरंग चौक स्थित कार्यालय का घेराव कर दिया. इस दौरान पूरे मामले की जानकारी एसडीपीओ अनिल सिंह को दी गयी. एसडीपीओ अनिल सिंह वहां पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन से बात कर कोई समाधान निकालने का आश्वासन दिया. एसडीपीओ ने इस दौरान यह भी कहा कि संबंधित कानून को समझने के लिए फैक्ट्री निरीक्षक और श्रमाधीक्षक को भी बुलाया गया है. इधर, फैक्ट्री के मालिक अभिषक कनौजिया ने मुअवाजा देने से इनकार करते हुए कहा कि राजेश कुमार राम उनका स्टाफ नहीं थे, बल्कि वह ठेकेदार विनोद साव के अंडर काम करते थे. प्रबंधन ने ठेकेदार को मुआवजा देने का प्रावधान होने की बात बतायी.

इस पर जब ठेकेदार विनोद साव से संपर्क करने की कोशिश की गयी, तो उनका मोबाइल फोन भी स्विच्ड ऑफ मिला. इस बीच देर शाम तक आक्रोशित लोगों द्वारा कार्यालय के गेट का घेराव जारी था. मामले की जानकारी सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और डीसी राहुल सिन्हा को भी दी गयी, लेकिन इसके बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन अपनी जिद पर अड़ा रहा. इधर शनिवार की देर शाम राजेश के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया. वहीं, खबर लिखे जाने तक गुस्साये लोग फैक्ट्री के कार्यालय का घेराव किये हुये थे.

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