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कृषि विधेयक पर राज्यसभा में हंगामा, विपक्ष ने रूल बुक फाड़ी, उपसभापति की माइक टूटी

New Delhi : संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने कृषि से संबंधित विधेयक को राज्यसभा में पेश किया. इस दौरान आज विपक्ष के सांसदों ने विधेयक के विरोध में काफी हंगामा किया. उच्च सदन में बिल पर चर्चा के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इस मामले पर सवालों केजवाब दे रहे थें इसी दौरान विपक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. यह हंगामा सांसदों ने उसभापति के फैसले पर किया. हुआ यह कि  सदन की कार्यवाही 1 बजे पूरी होनी थी. उपसभापति ने कार्यवाही को विधेयक के पारित होने तक बढ़ाने का फैसला लिया. विपक्ष के सांसदों ने इसपर हंगामा शुरू कर दिया. सांसदों ने रूल बुक फाड़ दी और माइक को भी तोड़ दिया.

इस हंगामे के दौरान विपक्षी पार्टियों के नेता वेल पर आकर नारेबाजी करने लगे. उप-सभापति के पास कागज के पुर्जे भी उछाले गये. इस दौरान उप-सभापति के पास मौजूद मार्शलों ने उनको रोका तो हल्की झड़प हो गई. इसी क्रम में उपसभापति के सामने वाला माइक भी टूट गया

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टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने की नारेबाजी

हंगामे क दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन उपसभापति की वेल तक आ गये और नारेबाजी करने लगे.  उन्होंने उपसभापति से बिल छीनने की भी कोशिश की. इस दौरान मार्शल ने भी बीच बचाव की कोशिश की.  इससे उपसभापति के सामने रखा माइक टूट गया. इसके बाद डेरेक ओ ब्रायन नारेबाजी करते हुए पीछे की ओर लौट गए. इस हंगामे के बाद उपसभापति ने राज्यसभा की कार्रवाई स्थगित कर दिया.

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राहुल का ट्वीट किसानों को पूंजीपतियों का बना रहे गुलाम

गौरतलब है कि कृषि विधेयक को लेकर विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं. इस मामले पर एनडीए सरकार में मंत्री रही हरसिमरत कौर ने तो इस्तीफा तक दे दिया है. इस बिल को लेकर सरकार को लगभग 122 वोट की जरूरत है. इधर इस बिल पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया कि ‘मोदी जी किसानों को पूंजीपतियों का ‘ग़ुलाम’ बना रहे हैं जिसे देश कभी सफल नहीं होने देगा.

इधर आम आदमी पार्टी ने इस विधेयक को काला कानून बताया है. पार्टी के सांसद ने कहा कि इस बिल से किसान भी पूंजीपतिय़ों के हाथों में आ जायेंगे.

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शिवसेना ने कहा इस मसले पर भ्रम को दूर करे सरकार

इस मसले पर शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा है कि देश में 70 फीसदी लोग खेती से जुड़े हैं. पूरे लॉकडाउन में किसान ही काम रहे थे. सरकार क्या भरोसा दे सकती है कि बिल के पास होने के बाद किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी और आगे देश में कोई भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि सरकार को इस बिल से जुड़े भ्रम को दूर करना चाहिए.

वहीं शिरोमणि अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने कहा कि बिल को पहले सेलेक्ट कमिटी को भेजा जाए. जो हितधारक हैं उनको पहले सुना जाए. नरेश गुजराल ने साथ ही सरकार को चेतावनी भी दे दी. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को कमजोर न समझे. इधर JDU ने बिल को समर्थन किया है. पार्टी के सांसद रामचंद्र सिंह ने कहा कि बिहार 2006 में एपीएमसी अधिनियम से हटने वाला पहला राज्य था. तब से कृषि उत्पादन और खरीद एमएसपी के साथ बढ़ी है. YSR कांग्रेस ने भी कृषि विधेयक का समर्थन किया है.

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