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यूपी : शिवपाल सिंह यादव खम ठोंक कर तैयार, कहा-हम लोकसभा चुनाव में किंगमेकर साबित होंगे   

यूपी में समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (प्रसपा) बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव के तेवर इन दिनों तल़्ख हैं.

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 Lucknow : यूपी में समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (प्रसपा) बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव के तेवर इन दिनों तल़्ख हैं.  बता दें कि सपा में वापसी की किसी भी सम्भावना से इनकार करते हुए शिवपाल सिंह ने दावा किया है कि उनकी पार्टी अगले लोकसभा चुनाव के बाद किंगमेकर साबित होगी.   शिवपाल ने भाषा से बातचीत के दौरान सपा में वापसी की सम्भावनाओं सहित गठबंधन तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. उनका दावा था कि केन्द्र में अगली सरकार उनकी पार्टी प्रसपा की मदद के बिना नहीं बन सकेगी.  इस क्रम में कहा कि हमारी पार्टी पिछले तीन महीनों के अंदर एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है.  प्रदेश के सभी 75 जिलों में संगठन तैयार है और जनता अब हमें एक राजनीतिक शक्ति के तौर पर देखने लगी है. सपा के संस्थापक सदस्यों में शुमार शिवपाल ने अपने पुराने घर में लौटने की सम्भावनाओं को किनारे किया.  शिवपाल ने कहा, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का सपा में विलय करने या मेरी सपा में वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता.

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हालांकि मैं भाजपा जैसी साम्प्रदायिक शक्ति को सत्ता से दूर रखने के लिये समान विचारधारा वाली पार्टियों से गठबंधन करने को तैयार हूं.  मगर वह भी तब होगा, जब हमें सम्मानजनक संख्या में सीटें मिलेंगी.  उन्होंने कहा कि प्रसपा के गठन के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले का दौरा किया है;  उन्हें हर जगह उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है;  अगर किसी पार्टी से गठबंधन नहीं हुआ तो प्रसपा प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

 सपा-बसपा की विचारधारा मेल खाती है?

पूछे जाने पर सपा-बसपा के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए शिवपाल ने कहा, क्या दोनों पार्टिर्यों की विचारधारा मेल खाती है? क्या बसपा पर विश्वास किया जा सकता है? कोई भरोसा नहीं है कि वह कब गठबंधन में शामिल हो और कब अलग हो जाये.  सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद हासिल होने या ना होने के सवाल पर पूर्व कैबिनेट मंत्री का कहना था कि मैंने कदम आगे बढ़ा दिये हैं. अब सवाल प्रदेश और देश का है;  साथ ही इस बात का भी सवाल है कि हम साम्प्रदायिक शक्तियों को कैसे रोकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह मुलायम से प्रसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का आग्रह करेंगे.  अगर वह इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करते तो उनकी पार्टी चुनाव में उनका समर्थन करेगी, चाहे वह जहां से भी मैदान में उतरें. कांग्रेस से गठबंधन की सम्भावना के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि अभी उनकी कांग्रेस के किसी भी नेता से बात नहीं हुई है.  

हालांकि हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और वह भाजपा को रोककर केन्द्र में सरकार बना सकती है.  उन्होंने कहा कि अगर सपा, बसपा और कांग्रेस भाजपा को रोकना चाहती हैं और प्रसपा को सम्मानजनक संख्या में सीटें देती हैं तो हम निश्चित रूप से गठबंधन में शामिल होंगे.   

 

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