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यूपीः चित्रकूट में गैंगरेप पीड़िता ने लगायी फांसी, पुलिस पर लापरवाही का आरोप, रेप केस में तीन गिरफ्तार

Chitrakoot: यूपी के हाथरस के बाद चित्रकूट में एक गैंगरेप की पीड़िता ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. चित्रकूट में गैंगरेप पीड़िता एक दलित किशोरी ने जान दे दी. गैंगरेप की पीड़ित एक दलित किशोरी ने फांसी लगाकर मंगलवार को आत्महत्या कर ली.

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परिजनों ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं किए जाने से परेशान होकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली. वहीं इस आरोप  के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. इलाके में स्थानीय नेताओं का आना शुरू हो गया है. वहीं पीड़िता का बुधवार को अंतिम संस्कार किया जायेगा. इसे लेकर इलाके में बड़े पैमाने पर पुलिस बलों को तैनात किया गया है. वहीं पुलिस का कहना है कि पहले परिवारवालों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी थी.

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रेप के आरोप में तीन गिरफ्तार

चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि मंगलवार की सुबह मानिकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 साल की एक दलित लड़की ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. उन्होंने बताया कि लड़की की मौत के बाद उसके पिता ने मंगलवार को दी अपनी तहरीर में अपनी बेटी के साथ आठ अक्टूबर को सामूहिक दुष्कर्म किये जाने का आरोप लगाया है.

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इस सिलसिले में गांव के पूर्व प्रधान के बेटे किशन उपाध्याय और आशीष व सतीश को गिरफ्तार किया गया है. उनके खिलाफ सामूहिक रेप, आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम व पॉक्सो कानून में मुकदमा दर्ज किया गया है.

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रेप की पुष्टि नहीं- पुलिस

यूपी पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है. एसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई, लिहाजा ‘स्लाइड’ प्रयोगशाला भेजी जा रही. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद लड़की का शव परिजनों को सौंप दिया गया है, और हालात को देखते हुए गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिये गये हैं. परिजन बुधवार को लड़की का अंतिम संस्कार करेंगे.

इस बीच लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी आठ अक्टूबर को खेत गयी थी, जहां आरोपियों ने गैंगरेप करने के बाद उसके हाथ-पैर बांधकर जंगल में ही फेंक दिया था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसके हाथ-पैर खोले थे और सामूहिक दुष्कर्म की घटना बताने के बाद भी किसी तरह का मुकदमा नहीं दर्ज किया था. उन्होंने कहा, गैंगरेप का मुकदमा न दर्ज किए जाने से क्षुब्ध होकर लड़की ने आत्महत्या कर ली.

वहीं पुलिस का कहना है कि पांच दिन तक परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी थी, मंगलवार को लड़की के आत्महत्या करने के बाद मिली तहरीर पर गैंगरेप और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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