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यूपीः डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या

झांसी से पेशी के लिए लाया गया था बागपत

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Baghpat: यूपी के कुख्यात डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या बागपत जेल में कर दी गई है. मुन्ना बजरंगी को पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेश होना था. इसे लेकर रविवार को उसे झांसी से बागपत लाया गया था. इसी दौरान जेल में उसकी हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद जेल प्रशासन से लेकर लखनऊ तक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

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मिली जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद कुख्यात बदमाश सुनील राठी के शूटर्स ने मुन्ना बजरंगी को गोली मारी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोमवार सुबह 5:30 बजे जेल खुलने के बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया. वही मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने 29 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जेल में हत्या की आशंका जाहिर की थी. ऐसे में जेल के अंदर ही सनसनीखेज तरीके से हत्या होने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं.  प्रमुख सचिव गृह ने इस हत्याकांड की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. मुन्ना पर बड़ौत के पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से 22 सितंबर 2017 को फोन पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप था.

सुनील राठी के शूटर्स ने मारी गोली !

अबतक मिली जानकारी के अनुसार, मुन्ना बजरंगी की हत्या के पीछे वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में एक्टिव सुनील राठी गैंग का हाथ बताया जा रहा है. एडीजी जेल चंद्र प्रकाश ने भी इस बात की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि शुरुआती पड़ताल में सुनील राठी गैंग द्वारा गोली मारे जाने की बात सामने आ रही है लेकिन अभी इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी. इधर पति की हत्या के बाद, मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह परिवारवालों के साथ सीएम आवास की तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रही हैं.

कौन है मुन्ना बजरंगी ?

मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है. उसका जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था. उसके पिता का नाम पारसनाथ सिंह है. हालांकि पिता उसे पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाना चाहते थे, लेकिन बजरंगी ने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी. इसके बाद जुर्म की दुनिया में कदम रख दिया. उसे जौनपुर के दबंग गजराज सिंह का संरक्षण हासिल था. 1984 में मुन्ना ने लूट के लिए एक व्यापारी की हत्या कर दी. इसके बाद उसने गजराज के इशारे पर ही जौनपुर के भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या करके पूर्वांचल में अपना दम दिखाया. 90 के दशक में पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के गैंग में शामिल हो गया था. 1996 में मुख्तार अंसारी समाजवादी पार्टी के टिकट पर मऊ से विधायक निर्वाचित हुए. इसके बाद मुन्ना सीधे पर सरकारी ठेकों को प्रभावित करने लगा था. उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुन्ना के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे. हालांकि, उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले यूपी में दर्ज हैं. वह पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन चुका था. 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके से गिरफ्तार कर लिया था. माना जाता है कि एनकाउंटर के डर से उसने खुद गिरफ्तारी करवाई थी.

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