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यूपी : सपा-बसपा गठबंधन पर कांग्रेस की खुन्नस,  कहा- कांग्रेस को दरिकनार करना भारी भूल  

सपा-बसपा गठबंधन से कांग्रेस का बाहर रखे जाने से नाराज कांग्रेस ने अखिलेश और मायावती को चेताते हुए कहा है कि यूपी कांग्रेस पार्टी की अनदेखी करना खतरनाक साबित होगा

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NewDelhi :   अखिलेश यादव और मायावती के बीच संभावित सपा-बसपा गठबंधन पर कांग्रेस की नजर है. खुन्नस भी है.   सपा-बसपा गठबंधन से कांग्रेस का बाहर रखे जाने से नाराज कांग्रेस ने अखिलेश और मायावती को चेताते हुए कहा है कि यूपी कांग्रेस पार्टी की अनदेखी करना खतरनाक साबित होगा. बता दें कि मायावती की बसपा और अखिलेश यादव की सपा  लोकसभा चुनाव 2019 में गठबंधन करने का औपचारिक ऐलान आज शनिवार को लखनऊ में करने जा रहे हैं. सपा-बसपा गठबंधन में अगर कांग्रेस दो सीटों पर मान जाती है तो उसे साथ रखे जाने की बात कही गयी है. कांग्रेस के अनुसार सपा-बसपा गठबंधन राज्य में भाजपा को जीत से रोकने लिए किया जा रहा है तो कांग्रेस को दूर रखना भारी भूल हेागी.

कांग्रेस पार्टी को गठबंधन से बाहर रखने पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का प्रेजेंस और आधार है.  कांग्रेस राज्य में एक स्थापित पार्टी है. हम मुश्किल समय में गिर सकते हैं, मगर हमें नजरअंदाज करना एक खतरनाक भूल होगी.

सपा-बसपा 37-37 लोकसभा सीटों का फार्मूल अपनायेंगे

एनडीटीवी के अनुसार यूपी सपा-बसपा 37-37 लोकसभा सीटों पर साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी. यहां लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं. बसपा-सपा गठबंधन में अमेठी और रायबरेली की सीटें छोड़ दी जायेंगी और वहां किसी भी उम्मीदवार को नहीं उतारा जायेगा. सपा-बसपा ने कांग्रेस के लिए ये दोनों सीटें छोड़ी हैं.   बता दें कि अखिलेश यादव ने एनडीटीवी से कहा था कि सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस शामिल होगी या नहीं इस पर वह अभी कुछ नहीं बोलेंगे, मगर यह जरूर कहा कि वह यूपी में कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़ने के लिए तैयार हैं.  एनडीटीवी के साथ  एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने यूपी गठबंधन में कांग्रेस को साथ लेने के सवाल पर कहा था कि कांग्रेस के बारे में कुछ नहीं कह सकता.

कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है. यूपी में कांग्रेस पार्टी के नेता हैं. लेकिन गठबंधन में किस तरीके से साथ होगा, या नहीं होगा, अभी कह पाना मुश्किल है.   क्या यह बेमेल गठबंधन है ? या फिर आप लोग मोदी हेट की वजह से साथ आये हैं ? इस सवाल पर अखिलेश ने कहा कि कोई यह नहीं कह सकता है. हम बसपा से  लड़ते जरूर हैं. मगर संबंध नहीं खराब थे. मेरे तो कतई नहीं.

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